दुनिया की खबरें: ट्रंप का दावा- डीजल भंडार जारी करने पर राजी हुआ यूरोप और यूक्रेन में रूसी हमलों से 3 पुल तबाह
ट्रंप ने लिखा, ‘‘यूरोप अपने बड़े पैमाने के डीजल तेल भंडार का बड़ा हिस्सा जारी करने पर सहमत हो गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि यूरोप अपने डीजल भंडार का कुछ हिस्सा ‘‘तत्काल’’ जारी करने पर सहमत हो गया है। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के कारण ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़ती कीमतों से निपटने का दबाव है।
ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस कदम की घोषणा की, लेकिन यह नहीं बताया कि कौन-कौन से देश अपने भंडार जारी करेंगे और इसकी मात्रा कितनी होगी।
ट्रंप ने लिखा, ‘‘यूरोप अपने बड़े पैमाने के डीजल तेल भंडार का बड़ा हिस्सा जारी करने पर सहमत हो गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी।’’
ईरान युद्ध और अमेरिका सरकार की व्यापार संबंधी नीतियों के कारण देश में तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं तथा इसी के कारण ट्रंप की लोकप्रियता पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
रूस के हमलों की वजह से यूक्रेन में तीन पुलों पर यातायात बाधित
रूस के हवाई हमलों के कारण शुक्रवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में निप्रो नदी पर तीन पुलों को आंशिक रूप से बंद करना पड़ा जिससे यातायात बाधित हो गया। कीव के महापौर ने कहा कि यह शहर में जनजीवन को बाधित करने की मॉस्को की रणनीति है।
इस बीच, यूक्रेन के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि अधिकारियों को अमेरिका, भारत, तुर्किये और मिस्र से रूस के साथ आंशिक युद्धविराम के लिए अलग-अलग प्रस्ताव मिले हैं।
इन प्रस्तावों में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले रोकने की बात कही गई है जिनकी वजह से रूस में ईंधन की कमी और यूक्रेन में बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। साथ ही, इनमें काला सागर में उन जहाजों की आवाजाही पर हमले रोकने का भी उल्लेख है जो दुनिया के बाजारों तक अनाज के निर्यात से जुड़े हैं।
रूस के हमलों की वजह से कीव के छह सड़क पुलों में से तीन को पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद करना पड़ा जिससे यातायात जाम लग गया। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने शुक्रवार को जिनेवा में कहा कि आम नागरिक ‘‘इस युद्ध का सबसे बुरा असर झेल रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन में जारी युद्ध मानवाधिकारों के लिहाज़ से एक बड़ी त्रासदी है, जो हर हफ़्ते और गंभीर होती जा रही है तथा आम नागरिकों को असहनीय पीड़ा पहुँचा रही है।’’
कांगो में इबोला से मरने वालों की संख्या 4,000 के पार
कांगो में इबोला के प्रकोप से मरने वालों की संख्या 4,000 के पार पहुंच गई है और अधिकारियों के सामने वायरस के प्रसार को रोकने की चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इबोला के 8,300 पुष्ट मामलों में 4,018 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या पुष्ट मामलों की लगभग आधी है और इसे इतिहास में इबोला का सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप बताया जा रहा है।
कांगो ने 15 मई को इस प्रकोप की घोषणा की थी। यह दुर्लभ बुंडिबुग्यो वायरस के कारण हुआ है, जिसके लिए अभी कोई ज्ञात उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल में वायरस के नए स्वास्थ्य क्षेत्रों में तेजी से भौगोलिक प्रसार को लेकर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार, इससे पहले से सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
फ्लाईदुबई विमान घटना को लेकर ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी, साजिश का पता चला तो करेंगे सख्त कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के यात्री विमान मामले में ईरान को चेतावनी जारी की। ट्रंप ने कहा कि अगर यह पाया गया कि विमान में हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ था, तो ईरान पर 'बहुत कड़ा हमला' किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर संभावित ईरानी कनेक्शन की जांच की जा रही है।
ट्रंप ने यह बात व्हाइट हाउस से टेक्सास के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई है कि फ्लाईदुबई की घटना में शामिल को-पायलट का ईरान से कोई संबंध था।
ट्रंप ने कहा, “हम अभी इस पर काम कर रहे हैं। वे हमारे साथ पूरी तरह जानकारी साझा कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि जो कुछ मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर जवाब हां है, लेकिन हम अभी इसकी जांच कर रहे हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उस व्यक्ति को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने विमान में भेजा हो सकता है या फिर वह किसी दूसरे तरीके से कट्टरपंथी बना हो सकता है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “हां, ऐसा हो सकता है।”
हालांकि, ट्रंप ने ईरान से संबंध होने का कोई सबूत नहीं दिया और जोर देकर कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है।
बाद में बातचीत के दौरान राष्ट्रपति से सीधे पूछा गया कि अगर यह पता चलता है कि इस घटना के पीछे ईरान था, तो क्या अमेरिका उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।
इस पर ट्रंप ने कहा, “उन पर बहुत कड़ा हमला होगा। चिंता मत कीजिए। आप बस उनसे पूछिए। उन्हें पता है कि क्या हुआ है। उन पर बहुत कड़ा हमला होगा।” इसके बाद ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था, उसकी सैन्य ताकत और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बात की।
उन्होंने कहा, “देखिए, ईरान में अब महंगाई 301 प्रतिशत है। उनकी मुद्रा की कोई कीमत नहीं रह गई है। उनकी अर्थव्यवस्था खत्म हो चुकी है। उनके पास कोई सैन्य ताकत नहीं है। उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट कंप्यूटर नहीं हैं। उनके पास बहुत कम चीजें बची हैं और जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है।”
राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका युद्ध से पहले के मुकाबले अब होर्मुज स्ट्रेट से ज्यादा तेल निकाल रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले दो दिनों में हमने जलडमरूमध्य के इतिहास में किसी भी समय से ज्यादा तेल निकाला है और इसमें युद्ध से पहले का समय भी शामिल है।”
ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि अब उन्हें ईरान के अगले कदम को लेकर फैसला करना है। उन्होंने कहा कि मैं आपको बताता हूं, हमारी नौसेना कमाल की है। हमारी सेना कमाल की है और उन्होंने शानदार काम किया है। अब मुझे फैसला करना है या तो वे एक बहुत निष्पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे या फिर उनका अस्तित्व नहीं रहेगा।
इससे पहले ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और न ही होंगे। वे इस बात पर सहमत हो रहे हैं कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।
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