दुनिया की खबरें: ट्रंप फिर भड़के, होर्मुज पर बोट को उड़ा दो और नेपाल के राष्ट्रपति ने संसद सत्र बुलाए बिना किया स्थगित

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मैंने यूनाइटेड स्टेट्स नेवी को आदेश दिया है कि वह किसी भी नाव को, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, जो होर्मुज स्‍ट्रेट के पानी में बारूदी सुरंगें बिछा रही हो, उसे गोली मारकर नष्ट कर दे। इसमें जरा भी हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।''

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

होर्मुज स्‍ट्रेट में बढ़ते सुरक्षा खतरे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फ‍िर सख्‍त आदेश जारी क‍िया है। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी नाव को तत्काल नष्ट करने का आदेश द‍िया है। साथ ही उन्होंने माइन-स्वीपिंग अभियानों को और तेज करने को कहा है।

अमेर‍िकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीड‍िया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पोस्‍ट में कहा, "मैंने यूनाइटेड स्टेट्स नेवी को आदेश दिया है कि वह किसी भी नाव को, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो, जो होर्मुज स्‍ट्रेट के पानी में बारूदी सुरंगें बिछा रही हो, उसे गोली मारकर नष्ट कर दे। इसमें जरा भी हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।''

उन्होंने कहा क‍ि हमारे बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज (माइन स्वीपर्स) इस समय जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं। मैं आदेश देता हूं कि यह काम अब तीन गुना ज्‍यादा तेजी से जारी रहे। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।''

इसके साथ ही उन्होंने ईरान की आंतरिक राजनीति पर भी ट‍िप्‍पणी की। उन्होंने ईरान में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान का जिक्र करते हुए क्षेत्रीय हालात और समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण का भी दावा किया है।

अमेर‍िकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीड‍िया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पोस्‍ट में कहा, ''ईरान को यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि उसका असली नेता कौन है। उन्हें खुद भी साफ नहीं पता। वहां 'हार्डलाइनर' (कड़े रुख वाले) और 'मॉडरेट' (नरम रुख वाले) गुटों के बीच भारी अंदरूनी खींचतान चल रही है। हार्डलाइनर युद्ध के मैदान में बुरी तरह से हार रहे हैं, जबकि मॉडरेट (जो वैसे बहुत नरम भी नहीं हैं) अब ज्यादा सम्मान पा रहे हैं। यह सब काफी अराजक और हैरान करने वाला है।''

ट्रंप ने कहा, ''हमारा होर्मुज स्‍ट्रेट पर पूरी तरह नियंत्रण है। कोई भी जहाज तब तक अंदर या बाहर नहीं जा सकता जब तक उसे अमेरिकी नौसेना की मंजूरी न मिले। इसे पूरी तरह 'सील' कर दिया गया है, जब तक कि ईरान कोई समझौता नहीं कर लेता।''

होर्मुज में तनाव के बीच 14 भारतीय जहाज सुरक्षित निकले, 14 अब भी फंसे: एमईए

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में 14 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं, जबकि 14 जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ में मौजूद हैं।

एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में हमारे दस भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं। वहीं, 14 भारतीय जहाज अभी भी पर्शियन गल्फ में हैं।”

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास का इलाका अब भी तनाव में है। यह एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब वन फिफ्थ तेल व्यापार होता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद से यहां स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर हमला किया, जो भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। यह हमला उस वक्त हुआ जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा की थी।

यह उन दो जहाजों में से एक था, जिन पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी (आईआरजीसी-एन) ने हमला कर कब्जा करने का दावा किया। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, इन जहाजों के नाम मएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास हैं।

शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाला एपामिनोंडास जहाज दुबई के जेबेल अली पोर्ट से गुजरात के मुंद्रा की ओर जा रहा था। इसे गुरुवार को मुंद्रा पहुंचना था।

एक अन्य वेबसाइट के मुताबिक, यह जहाज ग्रीस की कंपनी कालमार मैरीटाइम एलएलसी का है।


लेबनान में इजरायली हमले में एक और शांति सैनिक की मौत, यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताया दुख

लेबनान में इजरायली हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र ने इजरायली हमले में मारे गए फ्रांसीसी सैनिकों को लेकर चिंता जाहिर की है। यूएन महासचिव के प्रवक्ता के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, लेबनान में यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स (यूएनआईएफआईएल) में काम कर रहे दूसरे फ्रांसीसी सैनिक की शनिवार को हुए हमले में घायल होने से मौत से दुखी हैं।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार (लोकल टाइम) को एक बयान में कहा कि शांति सैनिक पर हमले बंद होने चाहिए। ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं और वॉर क्राइम की श्रेणी में आ सकते हैं।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने यूएन प्रवक्ता के हवाले से बताया कि शांति सैनिकों पर हुए सभी हमलों की तुरंत जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर असरदार तरीके से मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इस बारे में, महासचिव शनिवार की घटना के बारे में लेबनानी अधिकारियों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं।

गुटेरेस ने सभी लोगों से गुरुवार को घोषित इजरायल-लेबनान सीजफायर का सम्मान करने की अपील की। ​​बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र दुश्मनी खत्म करने और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने की दिशा में डिप्लोमैटिक कोशिशों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका मकसद हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच लड़े गए 2006 के लेबनान युद्ध को सुलझाना है।

गुटेरेस ने दूसरे शांति सैनिक के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ-साथ फ्रांस की सरकार और लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई है।

बुधवार को पहले, स्टीफन दुजारिक ने मारे गए फ्रांसीसी सैनिक की पहचान 31 साल के कॉर्पोरल अनिसेट गिरार्डिन के रूप में की, जो एक स्पेशलिस्ट डॉग हैंडलर थे। गिरार्डिन इतनी बुरी तरह से घायल हुए थे कि बुधवार को पेरिस के एक हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

नेपाल के राष्ट्रपति पौडेल ने संसद सत्र बुलाए बिना स्थगित किया

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद के दोनों सदनों का सत्र बिना बुलाए ही बृहस्पतिवार को स्थगित कर दिया। पौडेल ने 21 अप्रैल को मंत्रिमंडल की सिफारिश पर 30 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया था।

राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता रितेश कुमार शाक्य ने बताया कि नेपाल सरकार और मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा के सत्र को स्थगित करने के लिए ‘‘विशेष कारणों’’ का हवाला दिया।

संसद सत्र को आहूत किये बिना स्थगित करने के फैसले को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

संसद के सबसे वरिष्ठ सदस्य और नेपाली कांग्रेस के नेता अर्जुन नरसिंह के.सी. ने कहा कि संसद सत्र को बुलाए बिना ही स्थगित करने का सरकार का निर्णय ‘‘अभूतपूर्व और हतप्रभ’’ करने वाला है।

यह घटनाक्रम नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग द्वारा वित्तीय लेनदेन को लेकर उत्पन्न विवाद के मद्देनजर दिये गए इस्तीफे के एक दिन बाद सामने आया है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नौ अप्रैल को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सिफारिश पर श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीप कुमार साह को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था।


चीनी राजदूत ने शहबाज शरीफ से मुलाकात की, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई

पाकिस्तान में नियुक्त चीन के राजदूत जियांग जैदोंग ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की तथा पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए इस्लामाबाद के शांति प्रयासों पर चर्चा की।

राजदूत जियांग ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के अलावा योजना, विकास एवं विशेष पहल मंत्री अहसान इकबाल और सूचना मंत्री अताउल्ला तरार भी उपस्थित थे।

यह बैठक, पाकिस्तान द्वारा तेहरान और वाशिंगटन को दूसरे दौर की वार्ता के लिए बातचीत की मेज पर लाने के उद्देश्य से किये जा रहे राजनयिक प्रयासों के बीच हुई।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया की क्षेत्रीय स्थिति और पाकिस्तान के शांति प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

बयान के अनुसार, ‘‘चीनी राजदूत ने उनका स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान के राजनयिक प्रयासों की सराहना की।’’

राजदूत ने पाकिस्तान के साथ चीन के संबंधों को और प्रगाढ़ करने और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की परिकल्पना के अनुसार उन्हें (संबंधों को) नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की चीन की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

हमने ईरान से जुड़ा एक और तेल टैंकर जब्त किया है : अमेरिकी सेना

अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने ईरान से जुड़ा एक और तेल टैंकर जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल ईरानी तेल की ‘तस्करी’ के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि उसने हिंद महासागर में तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक एक्स’ को जब्त किया है।

रक्षा विभाग ने कहा, ‘‘हम ईरान को रसद सहायता प्रदान करने वाले अवैध नेटवर्क को बाधित करते रहेंगे, चाहे ऐसे जहाज कहीं भी संचालित हों।’’

यह घटना ईरान द्वारा बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला करने और उनमें से दो को अपने कब्जे में लेने के बाद हुई है।

रक्षा विभाग ने तेल टैंकर को जब्त करने का फुटेज जारी किया, जिसमें जहाज पर अमेरिकी सैनिक दिखाई दे रहे हैं।

जहाज निगरानी आंकड़ों से पता चलता है कि ‘मैजेस्टिक एक्स’ हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच मौजूद था, लगभग उसी स्थान पर जहां तेल टैंकर ‘टिफानी’ था, जिसे पहले अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया था।

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