दुनिया की खबरें: ट्रंप बोले- ईरान ढहने की कगार पर, हमसे होर्मुज खोलने को कह रहा और नई मुसीबत में फंसा पाक‍

ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने अभी-अभी हमें बताया है कि वे पूरी तरह से ढहने की कगार पर हैं और वे चाहते हैं कि हम जितनी जल्दी हो सके होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दें, ताकि वे अपने नेतृत्व से जुड़ी उलझन को सुलझा सकें।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान बर्बादी के कगार पर है और कथित तौर पर उसने होर्मुज से नाकेबंदी हटाने की गुहार लगाई है।

हर बार की तरह ही ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी बात कही। ट्रंप के मुताबिक, ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट जल्द खोल दिया जाए ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।

उन्होंने लिखा कि ईरान ने अभी-अभी हमें बताया है कि वे "पूरी तरह से ढहने की कगार" पर हैं और वे चाहते हैं कि हम जितनी जल्दी हो सके "होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दें," ताकि वे अपने "नेतृत्व से जुड़ी उलझन को सुलझा सकें" (और मुझे विश्वास है कि वे ऐसा कर पाएंगे!)।

ट्रंप ने यह नहीं बताया है कि अमेरिका ईरान में किससे बातचीत कर रहा है। वो भी तब जब देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल हैं और उनकी हालत को लेकर खुद अमेरिका कुछ स्पष्ट नहीं कह पा रहा है।

इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि कुछ अधिकारी ईरान की ओर से होर्मुज खोलने को तैयार हैं; इसके बदले में वो चाहते हैं कि जंग पर स्थायी तौर पर विराम लगाया जाए और अमेरिकी नाकेबंदी बंद हो। वहीं, यूरेनियम संवर्धन मामले में वो पीछे हटने को तैयार नहीं है।

नई मुसीबत में फंसा पाक‍िस्‍तान, आईएमएफ की नई 11 शर्तों से बढ़ा दबाव

पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और अब एक नई मुसीबत में फंस गया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने उसके सात अरब डॉलर के चल रहे एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) प्रोग्राम में 11 नई शर्तें जोड़ दी हैं।

बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक शर्त यह है कि सरकार स्पेशल इकोनॉमिक जोन्स (एसईजेड) एक्‍ट और स्पेशल टेक्नोलॉजी जोन्स अथॉरिटी एक्ट में बदलाव करे। इसका मकसद मौजूदा टैक्स छूट जैसी सुविधाओं को धीरे-धीरे खत्म करना और मुनाफे के आधार पर मिलने वाली राहत की जगह लागत के आधार पर राहत देना है।

रिपोर्ट में एक और बात को लेकर चिंता जताई गई है कि सरकार कराची में 6000 एकड़ जमीन एसईजेड डेवलपर्स को बिना किसी शुल्क के लीज पर देने की योजना बना रही है।

हालांकि, अक्टूबर 2024 में आईएमएफ के दस्तावेजों में कहा गया था कि पाकिस्तान की टैक्स प्रणाली का इस्तेमाल कई खास सेक्टरों जैसे रियल एस्टेट, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा को छूट देने के लिए किया गया है, जो पारदर्शी नहीं है। इसके अलावा स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) की संख्या भी काफी बढ़ गई है।

इसलिए शर्त रखी गई है कि मौजूदा एसईजेड को अगले दस साल में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा और नए एसईजेड नहीं बनाए जाएंगे। एक और नई शर्त यह है कि बिजनेस माहौल को बेहतर बनाने के लिए एक रेगुलेटरी रजिस्ट्री बनाई जाए।

रिपोर्ट के अनुसार, यह भी अक्टूबर 2024 की शर्तों में शामिल था कि सरकार केंद्र और राज्यों के स्तर पर होने वाली सभी सरकारी खरीद में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसके लिए वर्ल्ड बैंक की मदद से बनाए गए इलेक्ट्रॉनिक पाकिस्तान एक्विजिशन एंड डिस्पोजल सिस्टम (ई-पैड्स) सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस बीच, पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक हालत फिर से चर्चा में आ गई है। खासकर बदलते वैश्विक हालात के बीच। एक तरफ पाकिस्तान खुद को दुनिया में शांति की आवाज के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन अंदर से उसकी आर्थिक स्थिति काफी दबाव में है।


पाकिस्तान: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेत्र रोग का इलाज किया गया, वापस जेल भेजे गए

पाकिस्तान में मंगलवार को एक स्थानीय अस्पताल में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की दाहिनी आंख की बीमारी का इलाज किया गया और फिर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।

जेल में बंद खान (74 वर्ष) को जनवरी के अंत में दाहिनी ‘सेंट्रल रेटिनल वेन आक्कलुजन’ (सीआरवीओ) का पता चला था और उन्हें ‘पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (पीआईएम) में लाया गया था, जहां उन्हें एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन दिया गया था, जो हर महीने दोहराया जाता है। उनका आखिरी इलाज 23 मार्च को हुआ था।

पीआईएम के प्रवक्ता के अनुसार, खान को मंगलवार को नेत्र संबंधी उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था और उन्हें चौथा इंट्राविट्रियल इंजेक्शन दिया गया। कानूनी प्रक्रिया के बाद खान को वापस जेल भेज दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रक्रिया से पहले नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा उनकी जांच की गई थी और उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्थिर पाया गया था।’’

प्रवक्ता ने कहा कि इमरान की ‘ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी’ की गई, जिसमें नैदानिक ​​सुधार दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि सर्जन द्वारा माइक्रोस्कोपी के मार्गदर्शन में खान को इंट्राविट्रियल इंजेक्शन की चौथी खुराक दी गई।

इंडोनेशिया ट्रेन हादसा: बचाव कर्मियों ने मलबे से सभी पीड़ितों को निकाला

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहर हुए ट्रेन हादसे के बाद बचावकर्मियों ने मंगलवार को मलबे से सभी पीड़ितों को बाहर निकाल लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में 14 महिलाओं की मौत हुई है।

यह हादसा सोमवार को उस समय हुआ जब एक लंबी दूरी की ट्रेन ने बेकासी तिमुर स्टेशन के पास खड़ी एक अन्य यात्री ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी। यह कोच महिलाओं के लिए आरक्षित था, जिसे आमतौर पर छेड़छाड़ रोकने के लिए रखा जाता है।

सरकारी रेलवे कंपनी पीटी केरटा आपी इंडोनेशिया के सीईओ बॉबी रसीदिन के अनुसार, इस हादसे में कुल 84 घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को शिनाख्त के लिए अस्पताल भेजा गया है।

राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद स्याफी ने बताया कि सुबह तक सभी पीड़ितों को मलबे से निकाल लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि लंबी दूरी की ट्रेन में सवार सभी 240 यात्री सुरक्षित हैं। जकार्ता पुलिस प्रमुख असेप एडी सुहेरी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच जारी है।