दुनिया की खबरें: 'वेदर बम' गोरेटी ने बढ़ाई यूरोप की चिंता और 'यूरोप कर सकता है अमेरिकी प्रस्ताव अस्वीकार'

स्टॉर्म गोरेटी को एक "वेदर बम," यानी अचानक तीव्र होने वाला मौसम सिस्टम, के रूप में वर्णित किया जा रहा है, जिसने अटलांटिक महासागर से गति लेते हुए बेहद तेज हवाएं, भारी बर्फबारी, बारिश और समुद्री लहरें पैदा की हैं।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

यूरोप 8–9 जनवरी 2026 को "स्टॉर्म गोरेटी" नाम के शक्तिशाली तूफान की चपेट में है। इस तूफान ने ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य पश्चिमी यूरोपीय देशों में प्रतिकूल स्थिति पैदा कर दी है।

स्टॉर्म गोरेटी को एक "वेदर बम," यानी अचानक तीव्र होने वाला मौसम सिस्टम, के रूप में वर्णित किया जा रहा है, जिसने अटलांटिक महासागर से गति लेते हुए बेहद तेज हवाएं, भारी बर्फबारी, बारिश और समुद्री लहरें पैदा की हैं।

ब्रिटेन के मौसम विभाग मेट ऑफिस ने तूफान के कारण रेड अलर्ट यानी ‘जिंदगी को जोखिम’ भरी चेतावनी जारी की है, खासकर 'कॉर्नवाल' और 'आइल्स ऑफ सिली' में, जहां हवाएं 100 एमपीएच (लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा) तक पहुंचने की आशंका है। इसी बीच 'अंबर और येलो चेतावनियां' भी जारी की गई हैं, जिनमें भारी बर्फबारी (केंद्रीय इंग्लैंड और वेल्स में 30 सेमी तक), तेज हवाएं और भारी बारिश शामिल हैं।

तूफान के प्रभाव से यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। ब्रिटेन में ट्रेन सेवाएं रद्द या सीमित हो गई हैं, एयरपोर्ट रनवे बंद हुए हैं, और सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या देरी से उड़ान भर रही हैं। सड़कों पर भारी बर्फ और तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में यात्रा करना बेहद खतरनाक हो गया है।

ब्रिटिश एयरवेज ने शुक्रवार को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर चलने वाली 25 डिपार्चर (प्रस्थान) और 27 अराइवल (आगमन) उड़ानों को रद्द कर दिया है।

फ्रांस में भी बर्फ और बर्फीले तूफान के कारण परिवहन सेवाओं में बड़े पैमाने पर व्यवधान देखा जा रहा है, विशेषकर इले-दी-फ्रांस क्षेत्र में जहां बस सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। इसी तरह, अन्य यूरोपीय देशों में भी मौसम की कठिनाइयां बनी हुई हैं।

ऑस्ट्रेलिया के जंगल में आग : हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के आदेश, तीन लोग लापता

ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्वी राज्य विक्टोरिया में जंगल में भीषण आग का संकट बरकरार है। इस कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश दिया गया है। इस दौरान तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार शुक्रवार तक विक्टोरिया में करीब 30 जगहों पर जंगल की आग सक्रिय है। मौसम की स्थिति बहुत खराब है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है और तेज हवाएं चल रही हैं। इन्हीं कारणों से आग कभी भी दिशा बदल सकती है, उसे काबू में करना मुश्किल है और वह तेजी से फैल सकती है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, विक्टोरिया पुलिस के डिप्टी कमिश्नर बॉब हिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीन लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी और राज्य की प्रीमियर जैसिंटा एलन भी मौजूद थीं।

बॉब हिल ने बताया कि गुरुवार को कंट्री फायर अथॉरिटी ने मध्य विक्टोरिया में रहने वाले दो वयस्कों और एक बच्चे को तुरंत घर छोड़ने की सलाह दी थी, क्योंकि पास की आग से उनकी जान को बड़ा खतरा था। बाद में जब अधिकारी उसी जगह दोबारा पहुंचे तो वहां का मकान पूरी तरह जल चुका था। इन तीनों लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

मेलबर्न से 105 किमी उत्तर-पूर्व में सेंट्रल विक्टोरियन शहर रफ़ी में कई घरों के नष्ट होने की पुष्टि हुई है और पड़ोसी शहरों के साथ-साथ राज्य के सुदूर उत्तर-पूर्व के शहरों के निवासियों को भी घर खाली करने के लिए कहा गया है।

राज्य के चार क्षेत्रों में आग के खतरे को सबसे गंभीर स्तर का घोषित किया गया है। साल 2019 के बाद यह पहली बार है जब एक ही दिन में विक्टोरिया के कई इलाकों में इतना बड़ा खतरा दर्ज किया गया है।

जैसिंटा एलन ने कहा कि शुक्रवार विक्टोरिया के लिए पिछले कई वर्षों में सबसे खतरनाक आग वाले दिनों में से एक हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्हें इलाका खाली करने का आदेश मिला है, वे बिना देरी किए तुरंत निकल जाएं।


यूरोप को अधिकार वो कर सकता है अमेरिकी प्रस्ताव अस्वीकार: फ्रांस

फ्रांस के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका ऐसे प्रस्ताव दे रहा है जो स्वीकार नहीं किए जा सकते, तो यूरोप को अधिकार है कि वह उनके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे और उन्हें 'न' कह दे।

जीन-नोएल बैरोट की यह टिप्पणी वाशिंगटन के कुछ सहयोगियों के बीच इस बात को लेकर बढ़ती निराशा के बीच आई है कि कैसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" विदेश और व्यापार नीतियों ने पारंपरिक रिश्तों और गठबंधनों को खत्म कर दिया है।

फ्रांस के राजदूतों को दिए अपने सालाना भाषण में जीन-नोएल बैरोट ने कहा, "कुछ ही महीनों में, नए अमेरिकी प्रशासन ने उन रिश्तों पर फिर से सोचने का फैसला किया है जो हमें बांधते हैं। यह उनका अधिकार है। और यह हमारा भी अधिकार है कि हम किसी ऐतिहासिक सहयोगी को, चाहे वह कितना भी ऐतिहासिक क्यों न हो, अगर हमें उसका प्रस्ताव मंजूर न हो तो उसे न कह दें।"

ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर रवैया यूरोपीय देशों को आगामी पॉलिसी को लेकर विचार करने को मजबूर कर रहा है। ये बड़ा द्वीप खनिज से भरपूर डेनिश इलाका है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसकी जरूरत है।

बैरोट ने इस सम्मेलन में यूएस को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बराबर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप पर बाहर से "दुश्मन" हमला कर रहे हैं जो पुराने रिश्तों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "वे एक बार फिर हमारे बीच के मतभेद का फायदा उठाने का सपना देखते हैं, जैसा कि वे सदियों से करते आ रहे हैं। वे पहले से ही धमकियों और दबाव के जरिए हमारे यूनियन की ताकत को परखना शुरू कर रहे हैं, जैसा कि हमारे पूर्वी हिस्से पर इलाके में घुसपैठ, ट्रेड ब्लैकमेल और ग्रीनलैंड पर दावों से पता चलता है, जो बिकाऊ नहीं है।"

राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर हमले का यूक्रेन को दिया जवाब, दागी ‘ओरेशनिक’ हाइपरसोनिक मिसाइल: रूस

रूस ने दावा किया है कि उसने राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर कीव की ओर से किए गए ड्रोन हमले का जवाब ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल के जरिए दे दिया है।

इंटरमीडिएट-रेंज ओरेशनिक एक ऐसी मिसाइल है जिसके बारे में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन है क्योंकि इसकी कथित वेलोसिटी आवाज की स्पीड से 10 गुना अधिक है।

यह मिसाइल न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है, हालांकि ऐसा कोई संकेत नहीं था कि रात भर के हमले में इस्तेमाल की गई मिसाइल में वे लगे थे।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले में यूक्रेन में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था। रूस ने अटैक ड्रोन और लंबी दूरी के जमीन और समुद्र से मार करने वाले हथियारों का भी इस्तेमाल किया था।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, " गुरुवार देर रात टारगेट हिट किए गए।" कथित तौर पर ये टारगेट वो ड्रोन फैसिलिटी थी जहां के बने ड्रोन ने पुतिन के आवास को निशाना बनाया था।स्थानीय मीडिया ने भी टारगेट अटैक की जानकारी दी है।

हमले का वीडियो जारी किया गया जिसमें कथित तौर पर वह पल दिखाया गया है जब ओरेशनिक ने पश्चिमी यूक्रेन में अपने टारगेट पर हमला किया। बर्फ से ढके लैंडस्केप पर फिल्माए गए इस वीडियो में, ऐसा लग रहा था कि छह फ्लैश जमीन पर गिर रहे थे, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ, इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।

ओरेशनिक नाम को लेकर काफी जिज्ञासा है, क्योंकि यह पारंपरिक हथियारों से अलग श्रेणी में रखा जा रहा है। आसान भाषा में समझें तो ओरेशनिक रूस की नई पीढ़ी की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता से जुड़ा सिस्टम माना जा रहा है, जिसे खास तौर पर रणनीतिक दबाव बनाने और दुश्मन की गहरी सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है।

रूसी सैन्य शब्दावली में ‘ओरेशनिक’ का अर्थ ‘हेजल ट्री’ से जुड़ा माना जाता है, लेकिन हथियारों के नाम अक्सर प्रतीकात्मक होते हैं। असल मायने इसकी तकनीकी क्षमता से है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, ओरेशनिक को ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा रहा है जो तेज गति, लंबी रेंज और सटीकता को एक साथ जोड़ता है। इसे पारंपरिक या विशेष वारहेड के साथ इस्तेमाल किए जाने की संभावना बताई जाती है, हालांकि इसकी पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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