दुनियाः संकट के बीच बांग्लादेश छोड़ दिल्ली पहुंचीं शेख हसीना और इमरान को जेल में घटिया खाना देने का आरोप

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने सोमवार को हमास के एक शीर्ष आतंकवादी के मारे जाने का दावा किया। शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद हजारों प्रदर्शनकारी राजधानी ढाका में प्रधानमंत्री आवास में घुस गए और वहां जमकर लूटपाट और तोड़फोड़ की।

संकट के बीच बांग्लादेश छोड़ दिल्ली पहुंचीं शेख हसीना
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संकट के बीच बांग्लादेश छोड़ दिल्ली पहुंचीं शेख हसीना

बांग्लादेश में अभूतपूर्व हिंसा के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना देश छोड़कर दिल्ली पहुंच गई हैं। चर्चा है कि उन्होंने इंग्लैंड से शरण मांगी है। सोमवार शाम उनका विमान यूपी के गाजियाबाद स्थित वायु सेना के हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ। माना जा रहा है कि शेख हसीना अब नई दिल्ली से किसी अन्य देश के लिए रवाना हो सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि शेख हसीना लंदन जाने की तैयारी कर रही हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इंग्लैंड की सरकार से शरण मांगी है।

दरअसल, बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर सरकार विरोधी प्रचंड प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच सोमवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हो गया। इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनकारी हसीना के आधिकारिक आवास की ओर कूच कर गए। सूत्रों के मुताबिक, इन हिंसक प्रदर्शनों से शेख हसीना की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था। वह प्रदर्शनकारियों के गण भवन पहुंचने से पहले ही देश छोड़कर रवाना हो गईं। इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना विमान से सोमवार शाम करीब 5:30 बजे हिंडन एयरबेस पर पंहुची। यहां एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शेख हसीना को ले जा रहे सी-130जे विमान को हिंडन में उतरने के लिए प्राथमिकता दी गई। जानकारी के मुताबिक अब नई दिल्ली से शेख हसीना के लंदन के लिए रवाना हो सकती हैं।

इमरान को जेल में घटिया खाना देने का आरोप

इमरान खान की पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के आदेश पर पूर्व प्रधानमंत्री को जेल में घटिया खाना दिया जा रहा है, जिससे उनकी तबीयत खराब हो रही है, और उनकी तत्काल मेडिकल जांच की मांग की। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने भी सोमवार को 'काला दिवस' मनाया क्योंकि इमरान खान को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो द्वारा दर्ज 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी का एक साल पूरा हो गया है।

खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता मूनिस इलाही ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "इमरान खान ने कहा था कि उन्हें जेल में घटिया खाना दिया जा रहा है जिससे वह अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। यह सब मरियम नवाज के आदेश पर हो रहा है।" पूर्व संघीय मंत्री ने कहा कि केवल सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ही इतना नीचे गिर सकती है। उन्होंने आगे कहा कि खान ने पाकिस्तान के लोगों के अधिकारों के लिए एक साल की जेल की सजा का काट ली है। इलाही ने कहा, "हम खान की दृढ़ता, साहस और बहादुरी को सलाम करते हैं। हम उनके खिलाफ सभी फर्जी मामलों में उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं।"

इमरान खान की पार्टी के एक अन्य नेता जुल्फी बुखारी ने कहा, "खान ने संवाददाताओं से कहा कि भीषण गर्मी और 'रेफ्रिजरेटर' न होने के कारण उनका खाना पकने से पहले ही खराब हो जाता है। इससे उन्हें 'भोजन विषाक्तता' हो गई है। उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं।" पूर्व मंत्री हम्माद अजहर ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई)पीटीआई संस्थापक की जान को खतरा है। अजहर ने कहा, "हम खान की तत्काल चिकित्सा जांच की मांग करते हैं। देश को उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में सूचित किया जाना चाहिए।"


शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास में घुसे

बांग्लादेश में हिंसा के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीने के देश छोड़ने के बाद हजारों प्रदर्शनकारी सोमवार को राजधानी ढाका में प्रधानमंत्री आवास में घुस गए और जमकर वहां लूटपाट और तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने उनके पिता मुजीबुर रहमान की प्रतिमा को हथौड़ों से तोड़ दिया और उनकी पार्टी के कार्यालयों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के रूप में हसीना के जाने का जश्न मना रहे थे। हसीना (76) ने उनकी सरकार के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन के बीच इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर चली गईं।

पिछले महीने शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने वाली कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग के साथ शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गए। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की घोषणा के बाद, देश भर में उत्साही भीड़ अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आई। हसीना के इस्तीफे के साथ ही सत्ता में उनके 15 साल का शासन समाप्त हो गया।

हजारों प्रदर्शनकारियों ने सैन्य कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए उनके सरकारी आवास पर धावा बोल दिया। हालांकि, वह अपने आवास पर नहीं थीं। वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारियों को राजधानी ढाका में हसीना के आधिकारिक आवास ‘गणभवन’ में तोड़फोड़ और लूटपाट करते हुए दिखाया गया है। वे गणभवन परिसर में हाथ हिलाकर जश्न मनाते देखे गए। उनमें से कई लोग गणभवन का सामान लेकर जाते भी नजर आए। वीडियो में प्रदर्शनकारी ढाका में हसीना के पिता एवं 1971 के मुक्ति संग्राम के नायक शेख मुजीबुर रहमान की प्रतिमा पर चढ़ते और हथौड़ों से उसे तोड़ते हुए नजर आए।

धानमंडी और ढाका में हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यालय को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने राजधानी में गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के आवास पर भी हमला किया और तोड़फोड़ की। उनके घर से धुआं निकलता भी देखा गया।

IDF ने हमास के शीर्ष पदाधिकारी के मारे जाने का किया दावा

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने सोमवार को हमास के एक शीर्ष आतंकवादी के मारे जाने का दावा किया। आईडीएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "हमास आतंकवादी अबेद अल-जेरीई मारा गया, इससे मानवीय सहायता को गाजा के नागरिकों तक पहुंचने से रोका था।" इजराइली बलों के अनुसार, अल-जेरीई हमास की सैन्य शाखा के विनिर्माण विभाग से जुड़ा था और गाजा में इसके वित्तीय मामलों काेे देखता था। आईडीएफ के एक बयान में दावा किया गया कि हमास के इस आतंकी ने गाजा में प्रवेश करने वाली मानवीय सहायता को रोकनेे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

बयान में कहा गया, "इसके अलावा, उसके पास आतंकवादी उद्देश्यों के लिए ईंधन, गैस और धन के वितरण की भी जिम्मेदारी थी।" इस बीच चिकित्सा सूत्रों ने बताया कि रविवार दोपहर इजराइली ड्रोन और युद्धक विमानों ने दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 10 गांवों और कस्बों तथा जेजीन क्षेत्र में तीन कस्बों और गांवों में हवाई हमले किए। हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हनीयेह की तेहरान में हत्या के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, पिछले सप्ताह बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इजराइल के हमले के बाद लेबनान में सतर्कता बरती जा रही है। हमले में वरिष्ठ हिजबुल्लाह सैन्य कमांडर फौद शोकोर की मौत हो गई थी।


बांग्लादेश में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में तोड़फोड़

बांग्लादेश की राजधानी में सोमवार को उपद्रवी भीड़ ने एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में तोड़फोड़ की और देश भर में चार हिंदू मंदिरों को “मामूली” क्षति पहुंचाई। प्रत्यक्षदर्शियों और समुदाय के नेताओं ने यह जानकारी दी। हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की नेता काजोल देबनाथ ने कहा कि उन्हें खबर मिली है कि देशभर में कम से कम चार हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने बताया, “ये मामूली क्षति है।” हालांकि, प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर हिंदू समुदाय के कुछ नेता चिंतित हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बांग्लादेश की राजधानी के धानमंडी इलाके में स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (आईजीसीसी) और बंगबंधु स्मारक संग्रहालय को एक उपद्रवी भीड़ ने सोमवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। ‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, सोमवार अपराह्न प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई प्रमुख स्थानों पर आगजनी की, जिसमें धानमंडी 32 स्थित बंगबंधु भवन भी शामिल है, जिसे बंगबंधु स्मारक संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है। यह संग्रहालय हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान को समर्पित है, जिनकी 1975 में राष्ट्रपति रहने के दौरान हत्या कर दी गई थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़ना पड़ा है। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने घोषणा की कि अंतरिम सरकार बनाई जा रही है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा बंद करने का आग्रह किया।

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