दुनिया की 5 बड़ी खबरें: अफगान झंडा बरकरार रखने के लिए बड़ा अभियान और तालिबान द्वारा TTP कमांडरों की रिहाई से डरा पाकिस्तान!

अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में जमा हुए कई युवाओं ने तालिबान से सरकारी झंडा बनाए रखने की मांग की। टीटीपी के पूर्व उप प्रमुख मौलाना फकीर मोहम्मद को सरकार के तख्तापलट के बाद और तालिबान के पूरी तरह से देश पर कब्जा किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया है।

फोटो: IANS
फोटो: IANS
user

नवजीवन डेस्क

अफगान मुद्दे पर चीन और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की फोन वार्ता

फोटो: IANS
फोटो: IANS

16 अगस्त को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन के साथ फोन बातचीत की और अफगानिस्तान की स्थिति और चीन-अमेरिका संबंधों पर विचार विमर्श किया। फोन वार्ता में ब्लिंकन ने कहा कि हाल में अफगानिस्तान की परिस्थिति ने एक कुंजीभूत काल में प्रवेश किया है। तालिबान को उग्रवाद को छोड़कर सुव्यवस्थित रूप से सत्ता का स्थानांतरण करना चाहिए और एक समावेशी सरकार की स्थापना करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि चीन सरकार इसमें अहम भूमिका अदा करेगी। अमेरिका यह मान्यता देता है कि अफगानिस्तान का भविष्य अफगान जनता द्वारा तय किया जाएगा। उन्होंने तालिबान से लोगों के अफगानिस्तान से हटने को सुनिश्चित करने की अपील की।

बातचीत में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि तथ्यों से फिर एक बार जाहिर हुआ है कि बाहरी फार्मूले के एक अलग राष्ट्रीय संस्कृति और परिस्थिति वाले देश में स्थानांतरित करना सफल नहीं है। जनता का समर्थन हासिल न होने वाली सत्ता लम्बे समय तक नहीं चल सकती। बल प्रयोग और सैन्य हथकंडों से समस्या का हल नहीं किया जा सकता है। चीन अमेरिका के साथ संपर्क और संवाद करना चाहता है, ताकि अफगानिस्तान नये गृहयुद्ध या मानवीय संकट की जगह और आतंकवादियों का आश्रय स्थल न बने।

उज्बेकिस्तान ने सीमा सुरक्षा मुद्दों पर तालिबान से किया संपर्क

फोटो: IANS
फोटो: IANS

अफगानिस्तान में तालिबान आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ उज्बेकिस्तान सीमा सुरक्षा मुद्दों पर करीबी संपर्क बनाए हुए है। ताशकंद में विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया, "हम एक समावेशी सरकार बनाने की तैयारी के बारे में अंतर-अफगान बलों के बयानों का समर्थन करते हैं।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि मंत्रालय के अनुसार, उज्बेकिस्तान अफगानिस्तान में स्थिति के विकास पर बारीकी से नजर रख रहा है और उम्मीद है कि दोहा में अंतर-अफगान वार्ता के ढांचे में एक व्यापक शांति हासिल की जाएगी।


नए इस्लामिक अमीरात में अफगान झंडा बरकरार रखने के लिए बड़ा अभियान

फोटो: IANS
फोटो: IANS

अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में जमा हुए कई युवाओं ने तालिबान से सरकारी झंडा बनाए रखने की मांग की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात से अफगान झंडा बनाए रखने की मांग को लेकर एक बड़ा अभियान चल रहा है, जबकि कुछ अन्य लोग दोनों के संयुक्त झंडे का सुझाव दे रहे हैं।

आने वाली सरकार में हिस्सेदारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं काबुल में जमा हो गईं। महिलाओं ने सत्ताधारियों से आगामी शासन में भुलाए नहीं जाने को कहा। हालांकि महिलाओं ने सीधे तौर पर तालिबान का नाम नहीं लिया; रिपोटरें में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से अफगानिस्तान में एक दुर्लभ कदम है, जहां तालिबान लगभग पूरे देश पर नियंत्रण कर रहा है।

अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं होने देगा पाकिस्तान : पाक गृह मंत्री

फोटो: IANS
फोटो: IANS

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद ने मंगलवार को कहा कि देश ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) मुद्दे पर तालिबान को अपने साथ ले लिया है और उन्हें उम्मीद है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल इस्लामाबाद के खिलाफ नहीं किया जाएगा। रशीद ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं होने देगा।

रशीद अफगानिस्तान में जेलों से प्रमुख टीटीपी कमांडरों की रिहाई के बाद जियो पाकिस्तान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद कमांडरों की रिहाई सुनिश्चित हुई है। टीटीपी के पूर्व उप प्रमुख मौलाना फकीर मोहम्मद को भी रविवार को सरकार के तख्तापलट के बाद और तालिबान के पूरी तरह से देश पर कब्जा किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया है।


लंबे कोविड सिंड्रोम के कारण बनता है रक्त का थक्का: अध्ययन

फोटो: IANS
फोटो: IANS

एक शोध में पाया गया है कि लॉन्ग कोविड सिंड्रोम वाले मरीजों में रक्त के थक्के जमने का इलाज उनके लक्षणों को पता लगाने मदद कर सकता हैं, जैसे कि कम शारीरिक फिटनेस और थकान। गंभीर तीव्र कोविड -19 के रोगियों में खतरनाक थक्के देखे गए हैं, लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के बारे में बहुत कम जानकारी है, जहां लक्षण प्रारंभिक संक्रमण के हल होने के बाद हफ्तों से लेकर महीनों तक रहते हैं। इससे दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं।

आयरलैंड में आरसीएसआई यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज के शोधकतार्ओं ने लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के लक्षणों वाले 50 रोगियों की जांच की ताकि यह बेहतर ढंग से समझा जा सके कि रक्त का थक्का क्यों बनता है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia