24 साल बाद साथ आए माया और मुलायम, मैनपुरी में नेताजी ने कहा शुक्रिया तो बहनजी ने बताया पिछड़ों का सबसे बड़ा नेता

उत्तर प्रदेश में कभी एक दूसरे के कट्टर विरोधी रहे समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को मैनपुरी में गठबंधन की एक संयुक्त रैली में 25 साल बाद एक साथ मंच साझा किया। इस दौरान मायावती ने मुलायम को पिछड़े वर्ग का सबसे बड़ा नेता बताया।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारतीय राजनीति के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक घटना वाला रहा। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक चुनावी रैली में बरसों तक एक दूसरे के धुर विरोधी रहे मुलायम सिंह यादव और मायावती ने एक साथ मंच साझा किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। हजारों की भीड़ के बीच मंच पर मुलायम, मायावती और अखिलेश तीनों एक साथ बैठे। इस दौरान मंच से पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए मायावती ने मुलायम सिंह को पिछड़ों का सबसे बड़ा नेता बताया।

रैली में सबसे पहले बोलते हुए मुलायम सिंह ने मायावती का स्वागत करते हुए कहा कि वह उनके लिए वोट मांगने आईं हैं। उन्होंने मायावती को संबोदित करते हुए कहा, “आप इस चुनावी समय पर यहां आईं हैं, आपके इस एहसान को मैं कभी नहीं भूलूंगा।” उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि मायावती का बहुत सम्मान करना होगा। मायावती ने हमेशा हमारा साथ दिया है। मंच से बड़ा एलान करते हुए मुलायम ने कहा, "यह मेरा आखिरी चुनाव है। हर बार मैनपुरी के लोग हमें जिताते आए हैं। आखिरी चुनाव में भारी बहुमत से एक बार और जिता देना। हर जीत से यह जीत बड़ी होनी चाहिए।"

इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव देश के काफी बड़े नेता हैं। वह जो कहते हैं, वह करते हैं। मायावती ने कहा, “मुलायम सिंह, मोदी की तरह पिछड़े वर्ग के नकली नेता नहीं हैं। मोदी खुद को पिछड़ा बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुलायम सिंह ने पिछड़ों का विकास किया है। मुलायम सिंह पिछड़ों के सबसे बड़े नेता हैं।"

मायावती ने कहा कि लोगों को विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आना है। बीएसपी एसपी गठबंधन को लेकर बीजेपी जनता को गलत तरीके से बहका रही है, लेकिन लोगों को उनके बहकावे में नहीं आना है।
उन्होंने कहा कि दो चरणों के ही चुनाव में बीजेपी की हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा, “आपने हमारे गठबंधन को सराब कहा है तो मोदी जी सुनिए, अब गठबंधन को नशा चढ़ गया है। हम अब बीजेपी को बाहर कर देंगे।

इस दौरान मायवती ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि 2 जून 1995 को हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद भी लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी गठबंधन क्यों हुआ, इसका जवाब सभी चाहते होंगे। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि कभी-कभी पार्टी हित और देश हित में कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा, हम सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए एक साथ आए हैं। इस बार चुनाव में आप लोग मुलायम सिंह यादव को जिताएं। इस चुनाव में असली और नकली की पहचान कर लेना है।”

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