पीएम मोदी के हिंदू कार्ड पर कांग्रेस का पलटवार- ‘देश में नफरत के कांटे बो रहे हैं पीएम, चुनाव आयोग ले संज्ञान’

राहुल गांधी के केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के फैसले पर निशाना साधने के बहाने पीएम मोदी द्वारा वर्धा की रैली में हिंदू कार्ड खेलने की कोशिश का कांग्रेस ने करारा जवाब दिया है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी अपने छोटे राजनैतिक उद्देश्यों के लिए पूरे देश में नफरत के कांटे बोना चाहते हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी के साथ केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के फैसले पर निशाना साधने के दौरान पीएम मोदी द्वारा हिंदू कार्ड खेलने की कोशिश पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि पीएम मोदी को न भूगोल की जानकारी है, न इतिहास की, न स्वतंत्रता संग्राम की और न इस देश की गंगा-जमुनी तहजीब की। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पीएम मोदी भारत की बहुलतावादी, विभिन्न भाषा, वेश- भूषा, धर्म-संस्कृति और संस्कारों के गुलदस्ते की जगह अपने छोटे राजनैतिक उद्देश्यों के लिए पूरे देश में नफरत के कांटे बोना चाहते हैं।

महाराष्ट्र के वर्धा में पीएम मोदी के भाषण पर करारा जवाब देते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हार सामने देख बौखलाए और घबराए पीएम मोदी ने आज सभी संवैधानिक प्रावधानों, राजनैतिक मर्यादाओं और सार्वजनिक जीवन की परंपराओं की बलि दे डाली है। सुरजेवाला ने कहा, “मोदी जी ने भारत की सनातन परंपराओं और हिंदु सभ्यता की सभी मान्यताओं को अपमानित किया है। प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति का अपमान किया है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “क्या दक्षिण भारत में हिंदु, ईसाई, मुसलमान, सिक्ख, जैन, बौद्ध नहीं रहते? उत्तर भारत देश का दिल है तो दक्षिण भारत देश की धड़कन है। इसी मानसिकता, इसी सोच, इसी रास्ते पर चलते हुए राहुल गांधी उत्तर से दक्षिण तक, भाषा से भोजन तक, पहनावे से संस्कृति तक सब संस्कारों को एक सूत्र में बांधने का प्रयास कर रहे हैं। और प्रधानमंत्री धर्म, जाति, भाषा, वेशभूषा, संस्कृति, जीवन की शैली के आधार पर इस देश को एक विषैले तरीके से बांटना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी ने आज बापू की धरती वर्धा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने पर प्रश्न उठाकर देश की सनातन परंपरा को चुनौती दी है। उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और अंग्रेजी हुकुमत से लड़ते हुए स्वतंत्रता संग्राम में कुर्बान हुए वीरों, उनकी कुर्बानी को अपमानित करने का नाकाबिल-ए-माफी काम भी किया। मोदी जी को न भूगोल की जानकारी है, न इतिहास की, न स्वतंत्रता संग्राम की और न इस देश की गंगा-जमुनी तहजीब की।

केरल के वायनाड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देते हुए सुरजेवाला ने कहा कि क्या मोदी जी और भाजपाईयों को ये जानकारी भी है कि वायनाड, मशहूर स्वतंत्रता सेनानी पजहस्सी राजा, जो कोट्टायम रोयल डायनेस्टी के प्रमुख थे, उनकी कर्मभूमि है। जिन्होंने अंग्रेजी हुकुमत से दक्षिण भारत में आगे बढ़कर जमकर लोहा लिया और पहली बार दक्षिण में अंग्रेजों से गोरिल्ला युद्ध लड़ते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

उन्होंने कहा, “क्या मोदी जी और भाजपाईयों को यह जानकारी भी है कि वायनाड केरल में लवकुश मंदिर के लिए जाना जाता है। तो क्या आप भगवान श्री राम को भी अपमानित करेंगे? क्या मोदी जी और भाजपाईयों को ये जानकारी भी है कि व्यथिरी वायनाड में जैन समाज का इकलौता ग्लास टेम्पल है। क्या मोदी जी और भाजपाईयों को ये जानकारी भी है कि वायनाड में सबसे ज्यादा आदिवासी जनसंख्या है और 8 अलग-अलग ट्राईब्स के आदिवासी वायनाड के अंदर अपना जीवन व्यतीत करते हैं और तरक्की में भागीदारी करते हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या मोदी जी को ये जानकारी भी है कि वायनाड किसानों की कर्मभूमि है और यह वायल-नाडू, यानि के विलेज ऑफ पैडी फील्ड्स के नाम से भी जाना जाता है। वायनाड के अंदर सबसे बेहतरीन फसलें होती है। कॉफी, चाय, पेपर, कार्डिमॉम, रबर इनकी खेती के लिए पूरे देश में वायनाड मशहूर है। ये देश के किसानों की कर्मभूमि भी है। इतना ही नहीं वायनाड में 90 प्रतिशत साक्षरता है और ये तरक्की पसंद, मेहनतकश किसानों का इलाका है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “क्या मोदी जी और भाजपाईयों को ये जानकारी भी है कि वायनाड के जनगणना के मुताबिक 50 प्रतिशत जनसंख्या यानि आधी जनसंख्या हिंदु समाज की है और इस देश की परंपराओं के अनुसार सबसे अधिक आदिवासी, दलित, पिछड़े और अलग-अलग धर्मों के लोग यहां मिलकर केरल और देश की तरक्की के लिए योगदान करते हैं? क्या मोदी जी को इस बात की समझ है कि धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का कुकृत्य कर उन्होंने रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट की दारा 123 का उल्लंघन किया है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्म के आधार पर किसी संसदीय क्षेत्र पर प्रश्न उठाना और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर प्रश्न उठाना ये एक सीधे-सीधे करप्ट प्रैक्टिस है। ये दिखाता है कि प्रधानमंत्री को न भूगोल की और न इतिहास की जानकारी है। उन्होंने कहा, “वो हार सामने देख बौखला गए हैं। क्या प्रधानमंत्री बताएं कि क्या दक्षिण भारत के अंदर हिंदु, मुसलमान,सिक्ख, इसाई, पारसी नहीं रहते? उन्हें सार्वजनिक जीवन में अपनी इन मर्यादाओं के घोर उल्लंघन और स्वतंत्रता सेनानियों और स्वतंत्रता संग्राम के अपमान के लिए और पूरे दक्षिण भारत के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और चुनाव आयोग को इस मामले में संज्ञान लेकर रिप्रजेंटेशन ऑफ पिपल एक्ट की धारा 123 के तहत प्रधानमंत्री के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करनी चाहिए।

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