लोकतंत्र के पन्ने: गढ़वाल में एकबार फिर होगा खंडूड़ी और रावत का मुकाबला, जानिए क्या है इस लोकसभा सीट का इतिहास

कांग्रेस ने गढ़वाल सीट पर पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी को टिकट दिया है। तो वहीं बीजेपी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत चुनाव लड़ रहे हैं। यह सातंवी बार है जब इस लोकसभा सीट पर रावत बनाम खंडूड़ी के बीच चुनावी जंग होगी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तराखंड की गढ़वाल लोकसभा सीट पर एक बार फिर से तगड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने गढ़वाल सीट पर पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी को टिकट दिया है। तो वहीं बीजेपी से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत चुनाव लड़ रहे हैं। यह सातंवी बार है जब इस लोकसभा सीट पर रावत बनाम खंडूड़ी के बीच चुनावी जंग होगी।

1996 के लोकसभा चुनाव में सतपाल महराज ने बीजेपी के प्रत्याशी बीसी खंडूड़ी को हराया था। वहीं 1998, 1999, 2004 में बीसी खंडूड़ी ने सतपाल माहाराज को हराया। 2009 में भी कांग्रेस से सतपाल माहाराज चुनाव जीते। 2014 के चुनाव में बीसी खंडूड़ी ने कांग्रेस के हरक सिंह रावत को हराया। 2019 में इस सीट से कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी का मुकाबला बीजेपी के तीरथ सिंह रावत से है।

आजादी के बाद कराए गए चार चुनाव में गढ़वाल लोकसभा से भक्तदर्शन सिंह रावत सांसद का चुनाव जीते। भक्तदर्शन सिंह रावत जवाहर लाल नेहरू सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री भी रहे। वे 1952, 1957, 1962, 1967 में चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। इस सीट बीसी खंडूड़ी रिकार्ड पांच बार चुनाव जीते हैं।

गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या (61%) राजपूत वोटरों की है और वो यहां के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। इस सीट में बदरीनाथ, केदारनाथ, थराली, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, यमकेश्वर, नरेंद्रनगर, श्रीनगर, लैंसडौन, चौबट्टाखाल, पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार समेत कुल 14 विधानसभाएं हैं।

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