वीडियोः बिहार में बीजेपी को वोट नहीं देने पर दलितों-यादवों पर पुलिस का कहर, महिलाओं और बूढ़ों को भी बेरहमी से पीटा

पुलिस की पिटाई से मिले जख्म दिखाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि उन्होंने बीजेपी को वोट न देकर आरजेडी को वोट दिया था। इस दौरान पीड़ितों ने पुलिस पर पिटाई के साथ ही पैसे छीनने, गाली-गलौज करने के भी आरोप लगाए हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार में बीजेपी को वोट न देने पर गरीब ग्रामीणों पर पुलिस की बर्बरता का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मामला बक्सर का है, जहां पुलिस पर बीजेपी को वोट नहीं देने पर गांव में घुसकर घरों के दरवाजे तोड़कर पुरुषों, महिलाओं, अपाहिजों और बूढ़ों समेत बच्चों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय जनता दल ने मंगलवार देर शाम को पीड़ितों का वीडियो शेयर किया है।

नोटः इस वीडियो में अमर्यादित शब्द हैं।

आरजेडी ने पीड़ितों के कई वीडियो साझा करते हुए लिखा कि बक्सर लोकसभा सीट के खुर्द गांव के दलितों और यादवों को पुलिस ने बीजेपी प्रत्याशी अश्विनी कुमार चौबे के इशारों पर इसलिए पीटा क्योंकि इन लोगों ने आरजेडी को वोट दिया था।

वीडियो में पुलिस की पिटाई से मिले जख्म दिखाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि उन्होंने बीजेपी को वोट न देकर आरजेडी को वोट दिया था। इस दौरान पीड़ितों ने पुलिस पर पिटाई के साथ ही पैसे छीनने, गाली-गलौज करने के भी आरोप लगाए हैं। आरजेडी ने इस मामले को नहीं उठाने के लिए मीडिया पर भी निशाना साधा है।

आरजेडी ने आरोप लगाया कि ये घटना सिर्फ चुनाव आयोग के अंधेपन, प्रशासन की मिलीभगत और अश्विनी चौबे और बीजेपी के घटियापन की ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खोखलेपन की भी निशानी है।

आरजेडी ने कहा कि पुलिस ने गांव के गरीब पुरुषों, महिलाओं, छोटे बच्चों, वृद्धों और यहां तक कि विकलांगों को भी बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं उनके पैसे छीन लिए गए और उनसे गाली गलौज किया गया। ये गरीब और दलित व पिछड़े हैं। बीजेपी के अनुसार ये गंदी नाली के कीड़े-मकोड़े हैं जो चुनाव खत्म होने तक हिंदू होते हैं और बाद में फिर से ‘नीच’ हो जाते हैं।

Published: 22 May 2019, 8:28 PM
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