हरियाणा: खट्टर सरकार से नाराज 100 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
दलित समाज के नेता दिनेश खापड़ का कहना है कि वे पिछले करीबन 113 दिन से जींद में धरने पर बैठे थे लेकिन सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही थी। कई बार दलित समाज का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला, लेकिन हर बार आश्वासन ही दिया गया।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार से नाराज भारी तादात में दलितों ने धर्म परिवर्तन कर लिया। सरकार के द्वारा मांगे पूरी ना की जाने के बाद करीब 100 दलितों ने दिल्ली के लद्दाख बौद्ध भवन में जाकर बौद्ध धर्म को अपनाया। दलित नेता दिनेश खापड़ ने कहा कि वह पिछले 113 दिनों से जींद में धरना दे रहे थे, लेकिन राज्य सरकार ने हमारी एक भी बात नहीं सुनी।
उन्होंने बताया कि कई बार दलित समाज का शिष्टमंडल सीएम खट्टर से मुलाकात की। लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिया गया। उन्होंने बताया कि हम कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि जो सरकार ने वादे किए थे, उन्हीं को पूरा करने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा जब सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू समाज के ठेकेदार दलितों का शोषण करने में लगे हैं, ऐसे में धर्म बदलना मजबूरी बन गया था।
उनकी प्रमुख मांगों में झांसा गैंग रेप की सीबीआई जांच, ईश्वर हत्याकांड के परिजनों को नौकरी, जम्मू में शहीद हुए दलित के परिवार को नौकरी, एससीएसटी एक्ट में अध्यादेश लाना हैं।
इस मुद्दे पर पर विपक्ष ने खट्टर सरकार पर जमकर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि दलित और अन्य समुदायों की उपेक्षा करना बीजेपी की नीति है और इसलिए वे सरकार से नाखुश हैं।
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Published: 04 Jun 2018, 1:24 PM
