दीपावली के दिन यूपी में 'गोलगप्पे' खाने के बाद 150 लोग बीमार, बच्चों समेत 30 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती

अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर ने बताया कि अब तक लगभग 30-33 मरीजों को इमरजेंसी विभाग में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 18 बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है, और 15 मरीज 15 साल से अधिक उम्र के हैं।

दीपावली के दिन यूपी में 'गोलगप्पे' खाने के बाद 150 लोग बीमार, बच्चों समेत 30 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में दीपावली के त्योहार के दिन एक स्थानीय विक्रेता के यहां से 'गोलगप्पे' खाने के बाद 150 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। बीमार लोगों में से 30 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना को लेकर सामूहिक फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।

150 से ज्यादा लोग बीमार, अस्पतालों में भर्ती कराया गया

खेसराहा थाना क्षेत्र के कलनाखोर पेदारी गांव और उसके आसपास के दो-तीन गांवों में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने बताया कि 150 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर ने बताया कि अब तक लगभग 30-33 मरीजों को इमरजेंसी विभाग में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा, "लगभग 18 बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है, और 15 मरीज 15 साल से अधिक उम्र के हैं।"


तीन की हालत गंभीर थी, लेकिन अब सभी की हालत स्थिर

डॉक्टर ने बताया कि खेसराहा थाना क्षेत्र के एक गांव में गोलगप्पे वाले से खाने-पीने की चीजें लेने के दो दिन बाद लोगों में उल्टी और दस्त के लक्षण दिखाई दिए। उन्होंने कहा, "भर्ती किए गए लोगों में से दो-तीन की हालत गंभीर थी, लेकिन अब सभी की स्थिति स्थिर है।" डॉक्टर ने आगे बताया कि ऐसे और भी मरीज अस्पताल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली है कि बस के जरिए और भी मरीज आ रहे हैं।"

पिछले महीने अमेठी में फूड पॉइजनिंग की घटना हुई थी

पिछले महीने उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी फूड पॉइजनिंग का एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां एक मेले में 'खस्ता' खाने के बाद लगभग 102 लोग बीमार पड़ गए थे। इनमें बच्चों समेत 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। यह घटना अमेठी जिले के कोटवा गांव की है, जहां एक मेले में 'खस्ता' खाने के बाद करीब 102 लोग बीमार पड़ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।


जब लोगों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की, तो राज्य स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तुरंत गांव पहुंची। बाद में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने खुद प्रभावित लोगों की मेडिकल जांच और इलाज की निगरानी की। जांच के दौरान, 39 बच्चे और 63 वयस्क बीमार पाए गए। सीएमओ के अनुसार, गांव के मुखिया की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी।

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