दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की एडवाइजरी, घर से निकलने से पहले देखें ये लिस्ट
सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक राजधानी के 18 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा बंद रहेगी। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार, 25 जुलाई को यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार, सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक राजधानी के 18 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा बंद रहेगी। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।
किन-किन स्टेशनों पर रहेगा असर?
DMRC के अनुसार, जिन स्टेशनों पर फिलहाल सेवाएं प्रभावित रहेंगी उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इस संबंध में DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जानकारी साझा की है।
CJP के प्रदर्शन का ट्रैफिक और मेट्रो सेवाओं पर असर
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के चलते पिछले कई दिनों से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार लोगों को हो रही परेशानी
गुरुवार और शुक्रवार को भी सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक रहा। कई मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने और सड़कों पर लगाए गए बैरिकेड्स के कारण लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से उनके सफर में करीब 40 से 45 मिनट की अतिरिक्त देरी हुई।
पहले भी जारी की गई थी एडवाइजरी
इससे पहले 24 जुलाई को भी DMRC ने यात्रियों को सूचित किया था कि सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 17 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। उस दौरान भी राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
CJP बोली- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो मीटिंग का मतलब नहीं
NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच सरकार और CJP के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन सबसे बड़ी मांग अब भी अधूरी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर CJP का सख्त रुख
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्पष्ट कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार के साथ आगे की बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
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