उत्तराखंड: केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन में 3 ट्रेकर्स की मौत, 5 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बचाव दल ने एक और ट्रेकर का शव बरामद किया। इसके साथ ही हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के बाद लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। बुधवार को बचाव दल ने एक और ट्रेकर का शव बरामद किया। इसके साथ ही हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लापता लोगों में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सात ट्रेकर तथा एक स्थानीय गाइड शामिल थे।
अब तक तीन शव बरामद, पांच लोगों की तलाश जारी
करीब 4,000 मीटर की ऊंचाई पर हुए इस हादसे के बाद मंगलवार को दो शव बर्फ के नीचे दबे मिले थे। बुधवार को एक और शव बरामद किया गया। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के अनुसार, तीनों शवों को हेलीकॉप्टर की मदद से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया है। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
वहीं, बाकी पांच लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), वन विभाग और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
खराब मौसम और भारी बर्फबारी बनी चुनौती
केदारताल इलाके में लगातार खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। हिमस्खलन की वजह से बड़े इलाके में बर्फ जमा हो गई है और कई रास्ते बंद हैं। ऐसे में बचाव दलों को लापता लोगों तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
27 अक्टूबर को ट्रैकिंग के लिए निकला था 13 सदस्यीय दल
अधिकारियों के मुताबिक, वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद 27 अक्टूबर को 'सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी' के माध्यम से 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। इस टीम में सात ट्रेकर और छह सहायक कर्मचारी शामिल थे।
दल का एक कुक रास्ते से ही वापस लौट आया था। बाकी सदस्यों को 29 अक्टूबर तक वापस आना था, लेकिन खराब मौसम, बर्फबारी और रास्ते में हिमस्खलन के कारण उनकी वापसी नहीं हो सकी।
30 अक्टूबर को फोन पर मांगी थी मदद
30 अक्टूबर को ट्रैकिंग एजेंसी के जरिए फोन पर संपर्क होने पर ट्रेकर्स ने बताया था कि वे कच्ची ढांग (केदारखडग) के पास फंसे हुए हैं। उन्होंने सुरक्षित बाहर निकलने के लिए मदद मांगी थी।
इसके बाद एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की टीम भेजी, जिसने करीब छह किलोमीटर तक रास्ता खोलने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर की सुबह आधिकारिक बचाव अभियान शुरू किया। इसके लिए वन विभाग, NDRF समेत अन्य एजेंसियों की टीमें रवाना की गईं।
चार लोग सुरक्षित मिले, लापता ट्रेकर्स में बंगाल-UP के लोग शामिल
रेस्क्यू अभियान के दौरान कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। हालांकि, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण रास्ते बंद होने से आठ अन्य लोगों का पता नहीं चल पाया था।
लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के पांच, उत्तर प्रदेश के दो ट्रेकर और उत्तरकाशी जिले के उत्तरों गांव का एक स्थानीय गाइड शामिल था। अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं, जबकि बाकी पांच लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
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