चार धाम यात्रा में अब तक 31 तीर्थयात्रियों की मौत, उत्तराखंड की डीजी हेल्थ ने बताया क्या है मौत का कारण?

स्वास्थ्य जांच के बाद जिन यात्रियों में कोई शारीरिक बीमारी पाई जाती है, उन्हें आराम करने या स्वस्थ होने के बाद ही यात्रा पर जाने की सलाह दी जा रही है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

तीन मई को चार धाम यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 31 तीर्थयात्रियों की जान चली गई है। उत्तराखंड के महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. शैलजा भट्ट ने एएनआई को इस बात की जानकारी दी है। अधिकारी ने मौत का कारण पर्वतीय बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। डीजी ने आगे बताया कि तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच अब यात्रा मार्गों पर बनाए गए बिंदुओं पर की जा रही है।

इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने चार धाम यात्रा के प्रवेश और पंजीकरण स्थल पर स्वास्थ्य जांच की सुविधा शुरू की। डॉ शैलजा भट्ट ने बताया, "ऋषिकेश आईएसबीटी पंजीकरण स्थल पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई है। पांडुकेश्वर में डोबटा और हिना और बद्रीनाथ धाम के तीर्थयात्रियों के लिए क्रमश: यमनोत्री और गंगोत्री के यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया है।"

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच के बाद जिन यात्रियों में कोई शारीरिक बीमारी पाई जाती है, उन्हें आराम करने या स्वस्थ होने के बाद ही यात्रा पर जाने की सलाह दी जा रही है।

आपको बता दें, यात्रा 3 मई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अक्षय तृतीया के अवसर पर भक्तों के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट के उद्घाटन के साथ शुरू हुई। जहां 6 मई को केदारनाथ के कपाट खुले, वहीं 8 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुले।

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