महाराष्ट्र में भारी बारिश से भूस्खलन में 65 लोगों के दबने की आशंका, मलबे में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश जारी

सबसे बड़ी घटना महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पहाड़ी इलाके में महाड कस्बे के पास तलाई गांव में हुई, जहां एक पहाड़ी का 50-60 मीटर हिस्सा टूट गया और नीचे लगभग तीन दर्जन घरों पर फिसलकर गिर गया, जिससे अधिकांश पीड़ित बोल्डर, पत्थरों और कीचड़ के नीचे फंस गए।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा जिलों में मूसलाधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 65 ग्रामीणों के जिंदा दफन होने की खबर है। शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए अब तक रायगढ़ में हुए हादसे में 36 लोगों की मौत की पुष्टि की है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

यह दुखद घटना महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पहाड़ी इलाके में महाड कस्बे के पास छोटे तलाई गांव में हुई, जहां पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पहाड़ी का अनुमानित 50-60 मीटर हिस्सा टूट गया और नीचे लगभग तीन दर्जन घरों पर फिसलकर गिर गया, जिससे अधिकांश पीड़ित बोल्डर, पत्थरों और कीचड़ के नीचे फंस गए।


मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार दूरस्थ रायगढ़ गांव में पहाड़ धंसने की त्रासदी में 30 से 35 लोगों की मौत हो गई है और पत्थरों और कीचड़ के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए बड़े प्रयास जारी हैं। रायगढ़ के सांसद सुनील तटकरे ने कहा कि वह अन्य बचाव दलों के साथ दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो रहे हैं।

रुक-रुक कर हो रही बारिश और बाढ़ के साथ-साथ मलबा, कीचड़ और ढीली मिट्टी ऑपरेशन में बाधा डाल रही है, इस आशंका को देखते हुए मरने वालो की संख्या बढ़ने की आशंका है।राहत में लगे अधिकारियों ने कहा कि भूस्खलन की अन्य घटनाओं में रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा में भूस्खलन में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और पिछले 48 घंटों में भारी बारिश के बाद इन जिलों में 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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