मध्य प्रदेश: इंदौर के भागीरथपुरा में 54 साल के व्यक्ति की मौत, परिवार ने गंदे पानी को बताया वजह
परिवार का कहना है कि मेडिकल जांच में उनके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। उनका आरोप है कि संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया, जिससे अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मौत हो गई।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से बीमारी फैलने की आशंका के बीच 54 वर्षीय रामनरेश यादव की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जो पानी पिया था, वही उनकी गंभीर बीमारी और मौत का कारण बना।
जानकारी के अनुसार, रामनरेश यादव पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां 15 दिनों तक इलाज चलने के बाद मंगलवार को उनका निधन हो गया।
बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में उनकी बेटी प्रेरणा यादव ने बताया कि शुरुआत में उन्हें दस्त की शिकायत हुई थी। बाद में पानी से फैले संक्रमण के कारण संक्रमित द्रव पूरे शरीर में फैल गया। लगातार उल्टी और दस्त से उनकी हालत कमजोर होती गई और धीरे-धीरे शरीर में सूजन आने लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिवार का कहना है कि मेडिकल जांच में उनके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। उनका आरोप है कि संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया, जिससे अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उनकी मौत हो गई।
स्थानीय निवासियों का दावा है कि भागीरथपुरा में करीब एक महीने से दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है और कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में हुई कई मौतों का संबंध भी इसी पानी से हो सकता है। प्रशासन ने पहले विधानसभा में लगभग 20 मौतों को दूषित पानी से जुड़ा बताया था, हालांकि स्थानीय लोगों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
रामनरेश यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में चार बेटियां हैं, जिनमें से कुछ की शादी हो चुकी है, जबकि कुछ अभी भी आश्रित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभी तक मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
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