पुणे में वीएचपी के 200 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज, जुलूस के दौरान लहराए गए थे हथियार

विश्व हिन्दू परिषद के करीब 200 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक जुलूस में हथियार दिखाने को लेकर केस दर्ज किया गया है। इन कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि पिंपरी-चिंचवाड इलाके के निगडी में रविवार को जुलूस के दौरान एयर राइफल और तलवारों का प्रदर्शन किया था।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र के पुणे के निगड़ी इलाके में विश्व हिंदू परिषद के कम से कम 200 कार्यकर्ताओं के खिलाफ हवाई राइफल से फायरिंग करने और तलवारें दिखाने और उनके द्वारा आयोजित रैली में तलवारों का इस्तेमाल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, रविवार की शाम विश्व हिंदू परिषद द्वारा बिना अनुमति के निगड़ी क्षेत्र में रैली निकाली गई। इस रैली में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं के हाथों में एयर गन थी। रैली के दौरान एयर गन से हवाई फायर किए जा रहे थे। इसके अलावा कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तलवारें भी थी, जबकि घातक हथियार पास रखने पर पुलिस ने पाबंदी लगा रखी है। इसकी जानकारी मिलते ही निगड़ी पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि जिन लोगों के खिलाफ शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, उनमें वीएचपी के स्थानीय अध्यक्ष शरद इनामदार, जिला अध्यक्ष धनजी शिंदे शामिल हैं।

खबरों के मुताबिक, पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रविवार की शाम को यमुनानगर इलाके में वीएचपी के कार्यकर्ताओं ने शोभा यात्रा निकाली। इस शोभा यात्रा में बड़े पैमाने में महिलाएं शामिल थी। अधिकारी के मुताबिक, 4 लड़कियों के हाथों में एयर राइफल और 5 लड़कियों को तलवारें लहराते हुए देखा गया था।

अधिकारी ने बताया कि वीएचपी का जुलूस बॉम्बे पुलिस अधिनियम, 1951 के तहत 21 मई से 3 जून तक प्रभावी पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस आयुक्त क्षेत्र के लिए जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन था। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।

बता दें कि इससे पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग देने का आरोप लगा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई थी। यह वीडियो मुंबई के भायंदर स्थित सेवन इलेवन अकैडमी में चल रहे समर कैंप का बताया गया था, जहां युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी।

Published: 3 Jun 2019, 2:56 PM
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