'झूठे वादों की बहार, लोगों पर महंगाई और बेरोजगारी का क्रूर वार', कांग्रेस ने पूछा- आखिर आम जनता के दर्द पर कब बोलेंगे PM
जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘मोदी सरकार के 12 वर्षों का यही है असली सार: झूठे वादों की बहार और जनता पर महंगाई और बेरोजगारी का क्रूर वार।’’

कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। बता दें कि, जून में खुदरा महंगाई 17 महीने के उच्चतम स्तर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसे लेकर पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आम जनता के दर्द पर कब बोलेंगे।
'मोदी सरकार के 12 वर्षों में महंगाई ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ा'
जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘मोदी सरकार के 12 वर्षों का यही है असली सार: झूठे वादों की बहार और जनता पर महंगाई और बेरोजगारी का क्रूर वार।’’
उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मोदी सरकार के 12 वर्षों में महंगाई ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अब खुद सरकारी आंकड़े भी बता रहे हैं कि जून में खुदरा महंगाई 17 महीने के उच्चतम स्तर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि ग्रामीण भारत में यह 4.74 प्रतिशत है।’’
रमेश ने यह दावा भी किया कि महंगाई के साथ अब बैंकों की ब्याज दरें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे मध्यम वर्ग पर घर और गाड़ी की मासिक किस्त का बोझ भी बढ़ सकता है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुनाफा पूंजीपतियों की जेब में और बोझ आम जनता की पीठ पर क्यों?’’
कांग्रेस महासचिव ने यह भी प्रश्न किया, ‘‘पूंजीपतियों के सरंक्षक प्रधानमंत्री मोदी आम जनता के दर्द पर कब बोलेंगे?’’
महंगाई तल लक्ष्य के पार पहुंची
देश में एक बार फिर से महंगाई का बम फूटा है। बीते महीने खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ते हुए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के तय 4% के टारगेट के पार निकल गई है। सीपीआई डाटा पर नजर डालें तो महंगाई 4.38% हो गई है। ये लगातार छठा महीने है, जबकि महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। महंगाई का ये आंकड़ा इसलिए भी निराश करने वाला है, क्योंकि पांच महीने के बाद सीपीआई आरबीआई के लक्ष्य के पार पहुंची है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई का मध्यम अवधि का लक्ष्य 4 फीसदी तय किया है, जिसमें 2 फीसदी की बढ़ोतरी या 2 फीसदी की गिरावट का टॉलरेंस बैंड शामिल है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
