'SIR के नाम पर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर किया खेल, सुप्रीम कोर्ट ले इसे संज्ञान'

संजय सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने मिलकर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के साथ ‘अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा’ किया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिये।

संजय सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार और निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने मिलकर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के साथ ‘अब तक का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा’ किया है।


उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत, प्रखंड विकास समिति, जिला पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अलग-अलग मतदाता सूचियां तैयार कीं और इन्हीं सूचियों के आधार पर दिसंबर 2025 में बताया गया कि प्रदेश में कुल 17 करोड़ मतदाता हैं।

संजय सिंह ने कहा कि लेकिन जब इन्हीं कर्मचारियों ने गहन पुनरीक्षण किया तो अचानक दावा किया गया कि शहरी और ग्रामीण मिलाकर प्रदेश में सिर्फ 12.55 करोड़ मतदाता हैं। आखिर एक महीने में साढ़े चार करोड़ मतदाता कहां चले गए?

उन्होंने कहा, “एसआईआर के नाम पर उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है और अगर उच्चतम न्यायालय ने इसकी गहन जांच कराई तो कई लोग जेल जाएंगे। ” आप नेता ने कहा कि वह आज (बुधवार को) मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखेंगे और इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाएंगे।

राज्यसभा सदस्य ने मतदाताओं के नाम काटे जाने के पीछे साजिश का आरोप लगाते हुए कि राज्य में साढ़े चार करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लाख 77 हजार बूथ हैं यानी भाजपा करीब साढ़े तीन करोड़ वोट उत्तर प्रदेश में बढ़ाने की तैयारी में है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी बिहार, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और राजस्थान से लोगों को लाकर उत्तर प्रदेश में फर्जी तरीके से मतदाता बनवाने का खेल कर रही है।

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