बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 2000 करोड़ का घोटाला, एमडी और सीईओ रवींद्र मराठे समेत 6 गिरफ्तार

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी और सीईओ रवींद्र मराठे और बैंक के अन्य अधिकारियों के पास बिल्डर के दिवालिया होने की जानकारी थी, उसके बावजूद पद का दुरुपयोग कर उन पर बिल्डर को 2000 करोड़ रुपए का कर्ज देने का आरोप है।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बुधवार को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी और सीईओ रवींद्र मराठे को 2000 करोड़ रुपए के लोन घोटाले में 6 लोगों समेत गिरफ्तार कर लिया। पुणे के रियल एस्टेट डेवलपर डीएसके समूह से यह मामला जुड़ा है। खबरों के मुताबिक, मराठे और बैंक के अन्य अधिकारियों के पास बिल्डर के दिवालिया होने की जानकारी थी, उसके बावजूद पद का दुरुपयोग कर उन पर बिल्डर को 2000 करोड़ रुपए का कर्ज देने का आरोप है।

पुणे पुलिस ने सभी गिरफ्तार लोगों पर धोखाधड़ी, ठगी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात का मामला दर्ज किया है।

बैंक के सीएमडी मराठे के अलावा कार्यकारी निदेशक राजेंद्र गुप्ता, जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे और पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत को गिरफ्तार किया गया है। मुहनोत को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।

इस साल फरवरी में ही डीएसके समूह के मालिक डीएस कुलकर्णी और उनकी पत्नी हेमंती को गिरफ्तार किया गया था। उन पर 4000 निवेशकों को 1150 करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप है। कुलकर्णी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने निवेशकों के 230 करोड़ रुपए भी नहीं लौटाए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने मालिकों अौर कंपनी की 120 से अधिक संपत्ति और 275 से गाड़ियां अधिक बैंक खाते और जब्त करने का आदेश दिया था।

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