यमुना में फिर दिखी सफेद झाग की मोटी परत, आप ने डीफोमर खरीद में घोटाले का आरोप लगाया
नदी में जहरीली झाग की समस्या कई वर्षों से हर साल सामने आती रही है। छठ पूजा से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम हो जाता है, क्योंकि इस दौरान श्रद्धालु अनुष्ठान के तहत नदी में स्नान करने पहुंचते हैं।

दिल्ली में शुक्रवार को कालिंदी कुंज बैराज पर यमुना नदी के एक हिस्से में सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी। इसके साथ ही सर्दियों के दौरान राजधानी में सामने आने वाली यह समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई।
नदी में जहरीली झाग की समस्या कई वर्षों से हर साल सामने आती रही है। छठ पूजा से पहले यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम हो जाता है, क्योंकि इस दौरान श्रद्धालु अनुष्ठान के तहत नदी में स्नान करने पहुंचते हैं।
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने झाग हटाने वाले रसायन (डीफोमर) की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) पर ‘‘घोटाले’’ का आरोप लगाया।
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही झाग नियंत्रित करने के लिए नदी पर डीफोमर का छिड़काव शुरू करेगी। भारद्वाज ने दावा किया कि मौजूदा जल मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली में आप की सरकार के दौरान इसी झाग को जहरीला बताया करते थे।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि निविदा खुलने से पहले ही एक कंपनी ने झाग हटाने के अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने इसे वर्मा के विभाग में नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और निविदा घोटाला बताया। डीफोमर पानी में झाग हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन है।
यमुना में दोबारा झाग दिखाई देने के बारे में पूछे जाने पर सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सुबह कुछ समय के लिए झाग दिखाई दिया था, लेकिन बाद में नदी से झाग साफ हो गया।’’
डीजेबी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि बोर्ड 2022 से कालिंदी कुंज में झाग हटाने का अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि इस साल भी अभियान के लिए कंपनियों को आमंत्रित करने के वास्ते निविदा जारी की गई थी। अधिकारी के अनुसार, दो शिविर बनाए गए हैं, जहां पिछले साल के अभियान में बची सामग्री रखी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना की सतह पर झाग बनने के कई कारण हैं, इनमें सीवर एवं औद्योगिक अपशिष्ट जल में मौजूद जहरीले रसायन शामिल हैं, जो लगातार नदी में पहुंचते रहते हैं।
डीजेबी के अनुसार, जलकुंभी, पत्तियों और अन्य जंगली घास से निकलने वाले घुले हुए कार्बनिक पदार्थ भी झाग बनने का कारण हो सकते हैं।
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