पटना हाई कोर्ट में फैले भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वाले जज पर हुई कार्रवाई, सभी केस से हटाया गया

पटनाहाईकोर्ट के वरिष्ठ जज राकेश कुमार ने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालउठाए हैं। पूर्व आईपीएस रमैया के खिलाफ घूसखोरी मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिसराकेश कुमार ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसाप्रतीत होता है कि हाईकोर्ट प्रशासन ही भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पटना हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली और न्यायपालिका में फैली भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जज को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अमरेश्‍वर प्रताप साही ने वरिष्‍ठ जज राकेश कुमार को नोटिस जारी कर उन्‍हें सभी प्रकार की सुनवाई करने से रोक लगा दिया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर की गई है। खबरों के मुताबिक, पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में 11 जजों की फुल बेंच बैठी। फुल बेंच ने जस्टिस राकेश कुमार के आदेश को रद्द कर दिया है।

बुधवार को पटना हाई कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस राकेश कुमार ने पूर्व आईएएस अधिकारी केपी रमैया को जमानत दिये जाने के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि राज्य की निचली अदालतों के भ्रष्ट न्यायिक अधिकारियों को संरक्षण मिल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया था कि जिस अधिकारी को भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त होना चाहिए, उस अधिकारी को मामूली सी सजा देकर छोड़ दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद निचली अदालत ने रमैया को जमानत कैसे दे दी।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से हमने न्यायमूर्ति पद की शपथ ली है, तब से यह देख रहा हूं कि वरिष्ठ जज मुख्य न्यायाधीश को मस्का लगाने में मशगूल रहते हैं, ताकि उनसे कोई फेवर ले सकें और भ्रष्टाचारियों को भी फेवर दे सकें।

इसके बाद आनन फानन में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में 11 जजों की फुल बेंच बैठी और उनको सुनवाई से हटा दिया गया। साथ रजिस्ट्री को भी शो कॉज किया है, जिसमें उनसे जवाब मांगा गया है कि जो केस डिसपोजल हो चुका था, उसे किसके आदेश से वहां लगाया गया है?

बता दें कि केपी रमैया ने 23 मार्च 2018 को हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने निचली अदालत में सरेंडर किया जहां से उन्हें 8 मई को जमानत मिल गई। केपी रमैया पर घोटाला का आरोप है। उनके साथ रिटायर्ट आईएएस अधिकारी रामाशीष पासवान, आईएएस अधिकारी एसएम राजू और पांच अन्य लोग बिहार महादलित विकास मिशन फंड घोटाले के आरोप लगे हैं।

Published: 29 Aug 2019, 5:59 PM
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