अभिनेता अनंत नाग को 2024 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार, अंकुर से KGF तक कई फिल्मों में दिखाया दमदार अभिनय
अनंत नाग ने लोकप्रिय टेलीविजन श्रृंखला मालगुडी डेज़ (1987) में भी अभिनय किया था, जो आर. के. नारायण की कहानियों पर आधारित थी। वह जनता दल के सदस्य रहे और बैंगलोर के बसवनगुड़ी निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक भी चुने गए थे।

कन्नड़ और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें भारतीय सिनेमा के इस सर्वोच्च सम्मान से 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में नवाजा जाएगा।
अनंत नाग को ‘मिंचिना ओटा’, ‘हंसगीते’, ‘अंकुर’ और ‘मंथन’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। पांच दशकों के फिल्मी सफर में 300 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता अनंत नाग (78) रंगमंच की दुनिया की भी जानी-मानी शख्सियत हैं।
पीएम मोदी ने दिग्गज अभिनेता को बधाई दी
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश पर, भारत सरकार को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले एक शानदार सिनेमाई सफर के लिए प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता को बधाई देते हुए कहा, ‘‘कई दशकों से उनके सहज अभिनय, उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण कौशल ने भारतीय सिनेमा, विशेषकर कन्नड़ सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने जिस भी भूमिका को निभाया, उसमें एक अनूठी गहराई और प्रामाणिकता का संचार किया है।’’ उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक अत्यंत प्रतिष्ठित कलाकार के लिए पूरी तरह से एक सुयोग्य सम्मान है।’’
कन्नड़ समेत कई भाषाओं में 300 से अधिक फिल्म
अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को हुआ था। उन्होंने मुख्य रूप से कन्नड़ सिनेमा में कार्य किया। उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से अधिक कन्नड़ फिल्में और कई हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेज़ी फिल्में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने थिएटर, समानांतर सिनेमा और टेलीविजन में भी काम किया है।
अनंत नाग ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत संकल्प (1973) से की, जिसका निर्देशन प्रोफेसर पी. वी. नंजीराज उर्स ने किया था। उन्होंने समानांतर सिनेमा में प्रवेश श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर (1974) से किया। उनकी प्रमुख कन्नड़ फिल्में बयालू दारी, चंदनद गोम्बे, बेंकिया बाले, गणेशना मदुवे, गौरी गणेशा, मूंगारु माले, गोड़ी बन्ना साधारण म्याकट्टू, राजकुमार, और ब्लॉकबस्टर केजीएफ: चैप्टर 1 और 2 हैं।
दो बार विधायक भी रहे
उन्होंने लोकप्रिय टेलीविजन श्रृंखला मालगुडी डेज़ (1987) में भी अभिनय किया, जो आर. के. नारायण की कहानियों पर आधारित थी। अनंत नाग जनता दल के सदस्य रहे और वह बैंगलोर के बसवनगुड़ी निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक भी चुने गए। अनंत नाग की शादी गायत्री से हुई है, जो स्वयं एक कन्नड़ अभिनेत्री हैं। उन्हें छह बार फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ, पांच बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार और भारत सरकार द्वारा 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
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