महिला आरक्षण कानून में परिसीमन को जोड़ना बहुत बड़ी साजिश, भारत को बांटने की कोशिश: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक तो बहुत पहले ही पारित हो चुका था, फिर इसके कार्यान्वयन में देरी क्यों हुई? उन्होंने बीजेपी को आईना दिखाते हुए कहा कि लोकसभा में उनकी पार्टी के निर्वाचित सांसदों में से 37 प्रतिशत महिलाएं हैं।

महिला आरक्षण कानून में परिसीमन को जोड़ना बहुत बड़ी साजिश, भारत को बांटने की कोशिश: ममता बनर्जी
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन कर उसमें परिसीमन से संबंधित विधेयकों को जोड़ना मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की साजिश है। ममता ने कहा कि भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है।

ममता बनर्जी ने कूच बिहार जिले के माथाभंगा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को आपस में जोड़कर भारत को बांटने की कोशिश की जा रही है। इन विधेयकों को आपस में जोड़ना मतदाताओं के नाम हटाने और एनआरसी को लागू करने की साजिश है।’’


ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘महिलाओं के लिए आरक्षण विधेयक तो बहुत पहले ही पारित हो चुका था, फिर इसके कार्यान्वयन में देरी क्यों हुई?’’ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने दावा किया कि लोकसभा में उनकी पार्टी के निर्वाचित सांसदों में से 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बीजेपी पर महिला आरक्षण में देरी करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित तौर पर ‘‘कार्ड’’ बांटने का जिक्र करते हुए, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए सीतारमण को पद से हटाने की चुनौती दी। अलीपुरद्वार में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम के लोग भारी धनराशि लेकर होटलों और अतिथि गृहों में ठहरे हुए हैं ताकि बंगाल में मतदाताओं को प्रभावित कर सकें।’’


सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया, जिस पर चर्चा जारी है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया।

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