अफगानिस्तान में गधे ने की इंसान की सवारी! तस्वीर देख लोग रह गए दंग, आपने देखी क्या?

यह तस्वीर 13 फरवरी को ली गई। स्थान था अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के नाहर-ए-शाही जिले का एक खुला मैदान। तस्वीर में मुदासिर ताहिरी अपने कंधों पर एक गधे को उठाए खड़े हैं।

फोटो: AFP
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नवजीवन डेस्क

दुनियाभर में अक्सर इंसानों को गधे की सवारी करते देखा जाता है, लेकिन अफगानिस्तान से आई एक तस्वीर ने इस धारणा को उलट दिया। यहां एक एथलीट अपने कंधों पर गधे को उठाए नजर आया। यह कोई मजाक नहीं था, बल्कि अपनी शारीरिक ताकत दिखाने का एक वास्तविक प्रदर्शन था।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी AFP द्वारा जारी की गई इस तस्वीर में अफगान एथलीट मुदासिर ताहिरी अपनी असाधारण शक्ति का प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं।

13 फरवरी की तस्वीर, बल्ख प्रांत का मैदान

यह तस्वीर 13 फरवरी को ली गई। स्थान था अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के नाहर-ए-शाही जिले का एक खुला मैदान। तस्वीर में मुदासिर ताहिरी अपने कंधों पर एक गधे को उठाए खड़े हैं।

यह दृश्य केवल ताकत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों में भी आत्मविश्वास और अभ्यास की कहानी कहता है। AFP के लिए फोटो जर्नलिस्ट आतिफ आर्यन ने इस क्षण को अपने कैमरे में कैद किया।


कठिन ट्रेनिंग के बाद सादगी भरा जीवन

AFP द्वारा जारी एक अन्य तस्वीर में ताहिरी को कठोर अभ्यास सत्र के बाद अपने घर पर आराम करते हुए देखा जा सकता है। यह तस्वीर उनके जीवन के दो पहलुओं को सामने लाती है। एक ओर असाधारण शारीरिक क्षमता, दूसरी ओर सादगी और मेहनत से भरा रोजमर्रा का जीवन।

सीमित संसाधनों में तैयारी

मुदासिर ताहिरी की तैयारी का तरीका भी उतना ही दिलचस्प है जितना उनका प्रदर्शन। उनके पास आधुनिक जिम उपकरण नहीं हैं। उन्होंने कसरत के लिए जो वेट तैयार किए हैं, वे लकड़ियों, प्लास्टिक के ड्रम और सीमेंट से बने हुए हैं।

यह दर्शाता है कि संसाधनों की कमी उनके इरादों को कमजोर नहीं कर पाई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साधनों से उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को जारी रखा है।


क्यों मजबूत माने जाते हैं अफगान एथलीट?

अफगान एथलीटों को अक्सर शारीरिक रूप से मजबूत माना जाता है। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं। ऐतिहासिक परिस्थितियां, कठिन जीवनशैली और मानसिक दृढ़ता।

अफगानिस्तान ने लंबे समय तक संघर्ष और कठिन हालात देखे हैं। ऐसे माहौल में पले-बढ़े लोग शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर सख्त हो जाते हैं। कठिन जीवन परिस्थितियां उनके व्यक्तित्व और सहनशक्ति को आकार देती हैं।

पहाड़ी भूगोल का असर

अफगानिस्तान का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी है। राजधानी काबुल समेत कई शहर ऊंचाई पर स्थित हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में रहने और अभ्यास करने से स्वाभाविक रूप से फेफड़ों की क्षमता और हृदय संबंधी दक्षता बेहतर होती है।

ऐसे वातावरण में ट्रेनिंग करने वाले खिलाड़ियों को सहनशक्ति वाले खेलों में अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। यही कारण है कि वहां के एथलीटों में प्राकृतिक मजबूती और सहनशीलता दिखाई देती है।


एक तस्वीर, कई संदेश

मुदासिर ताहिरी की यह तस्वीर केवल एक असाधारण शारीरिक प्रदर्शन नहीं है। यह उन हालातों की भी झलक है जिनमें अफगान खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। सीमित संसाधन, कठिन जीवन और पहाड़ी वातावरण, इन सबके बीच भी वे अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

AFP द्वारा जारी इस तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा है और यह दिखाया है कि इच्छाशक्ति और मेहनत किसी भी कमी को पीछे छोड़ सकती है।

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