सीबीआई विवाद: नागेश्वर राव मामले की सुनवाई से जस्टिस सीकरी भी हटे, इससे पहले सीजेआई गोगोई हो चुके हैं अलग

सीजेआई रंजन गोगोई के बाद जस्टिस एके सीकरी ने भी खुद को नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने के खिलाफ लगी याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब इस मामले को शुक्रवार को नई बेंच सुनेगी।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव से जुड़े मामले की सुनवाई से जस्टिस एके सीकरी ने भी खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने खुद को इस केस से अलग कर लिया था। जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध की है। अब दूसरी बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।

जस्टिस एके सीकरी को आज इस मामले में सुनवाई करनी थी। लेकिन जैसे ही मामला सुनवाई के लिए आया तो उन्होंने अपने आप को इस सुनवाई से अलग कर लिया। जस्टिस सीकरी ने गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को बताया कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते और खुद को इससे अलग कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि आप मेरी स्थिति समझते हैं, मैं इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकता। बता दें कि जस्टिस सीकरी सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा को पद से हटाने वाली उच्चस्तरीय कमिटी का हिस्सा थे।

वकील दवे ने कोर्ट में कहा कि आज सेलेक्ट कमेटी की बैठक होनी है, इसलिए अगर आज मामला नहीं सुना गया तो यह बेहद निराशाजनक होगा। दवे ने आगे कहा, “इससे काफी हताशा हो रही है। ऐसा लग रहा है कि जज इस मामले की सुनवाई करना ही नहीं चाहते हैं। पहले सीजेआई ने खुद को अलग कर लिया था और अब जस्टिस सीकरी भी खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर रहे हैं।” इस याचिका को एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किए जाना का विरोध किया गया है।

बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस सीकरी से पहले सीजेआई रंजन गोगोई को करनी थी लेकिन सीजेआई ने सोमवार को खुद को इस केस अलग कर लिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 24 जनवरी को होने वाली सीबीआई के नए डायरेक्टर को चुनने वाली मीटिंग में हिस्सा लेना है इसलिए वो इस केस की सुनवाई नहीं कर सकते।

गौरतलब है कि पिछले साल 23 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने सीबीआई के दो बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें जबरन छुट्टी पर भेज दिया था। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की जगह नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से आलोक वर्मा को राहत मिली और उन्होंने दोबारा दोबारा कार्यभार संभाला लेकिन उसके ठीक बाद उच्चस्तरीय समिति ने उन्हें सीबीआई निदेशक पद से फिर हटा दिया। उसके बाद नागेश्वर राव को दोबारा अंतिरम निदेशक नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

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