उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बाद अब पूर्व IAS शाह फैसल पर लगा PSA, कई महीनों से हैं नजरबंद

पूर्व आईएएस और जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल पर भी पब्लिक सेफ्टी एक्ट यानी पीएसए लगा दिया गया है। कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था।

फोटो: सोशल मीडिया
i

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बाद अब पूर्व नौकरशाह शाह फैसल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व नौकरशाह शाह फैसल पर भी जन सुरक्षा कानून यानी पीएसए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह कानून प्रशासन को किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के छह महीने तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही कई नेता नजरबंद हैं और उनमें शाह फैसल भी शामिल हैं। फिलहाल वह श्रीनगर में ही हिरासत में हैं।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने के बाद बाद राज्य के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, पीडीपी नेता और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, अली मोहम्मद सागर आदि पर भी जन सुरक्षा कानून यानी पीएसए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


दूसरी ओर उमर अब्दुल्ला पर लगे पीएसए के खिलाफ उनकी बहन सारा पायलट सुप्रीम कोर्ट पहुंची हुई हैं। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी कर 2 मार्च तक जवाब मांगा है। सुनवाई के बाद सारा पायलट ने कहा था, “यह बंदी प्रत्यक्षीकरण का मामला है, इसलिए उम्मीद है कि हमें जल्द राहत मिलेगी। हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम यहां पहुंचे, क्योंकि हम चाहते हैं कि कश्मीरियों को भी बाकी भारतीय नागरिकों की तरह ही अधिकार मिलें। हम उसी दिन का इंतजार कर रहे हैं।”

कब आया था PSA?

जम्मू कश्मीर में पीएसए को पूर्व मुख्यमंत्री स्व शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने साल 1978 में लागू किया था। उन्होंने ये कानून उस समय जम्मू कश्मीर के जंगलों की अवैध कटाई कर रहे लोगों को रोकने के लिए लागू किया था। बाद में इस पीएसए कानून के इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी किया जाने लगा, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था को संकट माना जाता है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए


Published: 15 Feb 2020, 11:20 AM