‘जन महाभियोग’ के बाद अब रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली
दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर राहुल गांधी ने कहा है कि, "पुलिस की चिंता न करें, लाठियों की परवाह न करें। हम संविधान और भारतीय राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ आगे बढ़ेंगे। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने रैली में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है।

INDIA Block की दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को महा रैली
विपक्ष का अनुमान 10 लाख लोग जुटेंगे
सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर रद्द करने की है मांग
जन महाभियोग में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पारित
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ का प्रस्ताव पारित होने के अगले दिन रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली होगी।
चुनाव प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित ‘दिल्ली चलो’ मार्च तथा रैली में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों से विपक्षी दलों के नेता और समर्थक शनिवार को ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने लगे।
रामलीला मैदान में मुख्य मंच के ऊपर विशाल तिरंगा शामियाना लगाया गया है और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच विपक्ष मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकालने की तैयारी में है, जिसके बाद रैली होगी।
रैली में विपक्षी दलों के अलावा छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के भी बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
‘इंडिया’ गठबंधन ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और नागरिक समाज के सदस्यों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) और कुछ छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है।

विपक्षी गठबंधन का मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से शुरू होगा और रामलीला मैदान पहुंचेगा। इसके बाद रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता रैली को संबोधित करेंगे। इस बारे में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली का रूट मैप शेयर किया है।उन्होंने एक्स पर लिखा, कल मिलते हैं, साथ चलते हैं! कनॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन, अजमेरी गेट, रामलीला मैदान।
दो दिन पहले भी राहुल गांधी ने एक वीडियो पोस्ट कर रामलीला मैदान में होने वाली पहली नवंबर की रैली में आने का लोगों का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि, "चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का, वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है। यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं - यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है। सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, आप सब आइए। एक ही प्रोटेस्ट है है - देश का देस का प्रोटेस्ट है।
उन्होंने आगे कहा था, "पुलिस की चिंता न करें, लाठियों की परवाह न करें - बीजेपी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे अपनी कोई भी चाल चल सकें। हमारे साथ मार्च में शामिल हों - हम संविधान और भारतीय राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ आगे बढ़ेंगे। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मैं सभी छात्र समूहों से अपील करता हूँ - चाहे आपकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो - अगर आपको लगता है कि भारत पर हमला हो रहा है, अगर आपको लगता है कि आप पर हमला हो रहा है, आपकी अभिव्यक्ति, आपके विचारों और आपकी सोच पर हमला हो रहा है, तो आइए और हमारे साथ जुड़िए।
यह एक शानदार मार्च होगा, और यह इस देश की आत्मा को बचाने के लिए है।
जानकारी के मुताबिक विपक्षी नेताओं के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से बसों में सवार होकर मार्च के शुरुआती स्थल तक पहुंचने की संभावना है। रामलीला मैदान में पिछले कुछ दिनों से तैयारियां तेज हैं। वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लिए बनाए गए मुख्य मंच के ऊपर विशाल तिरंगामयी शामियाना लगाया गया है, जबकि ‘इंडिया’ गठबंधन की प्रदेश इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए दूसरा मंच तैयार किया गया है।
मैदान में सफेद शामियानों की कतारें लगाई गई हैं। लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए लोहे के अवरोधक लगाए गए हैं और अस्थायी मंच तैयार किए गए हैं। कुर्सियां एवं अन्य सामग्री लेकर ट्रक भी लगातार आयोजन स्थल पहुंच रहे हैं।

‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने रैली में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50,000 लोगों के जुटने का है।
अधिकारियों के अनुसार, खाली होने की स्थिति में रामलीला मैदान में लगभग 45,000 से 50,000 लोग आ सकते हैं, लेकिन कुर्सियां, घेरे और आवाजाही के लिए निर्धारित रास्ते बनाए जाने के बाद इसकी क्षमता घटकर करीब 30,000 से 40,000 रह जाएगी। भीड़ अधिक होने की स्थिति से निपटने के लिए मैदान के बाहर भी जगह रखी जाएगी।
विपक्षी गठबंधन के मार्च के मार्ग और रामलीला मैदान में सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियों के साथ 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। निगरानी के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन और पुलिसकर्मियों के शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। मैदान के भीतर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है।
रैली के मद्देनजर रविवार को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात संबंधी पाबंदियां रहेंगी। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में रैली की अनुमति दी गई है, लेकिन मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से प्रस्तावित जुलूस के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
यह रैली मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा शनिवार को किए गए प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ के ठीक अगले दिन हो रही है।
खरगे के आवास पर आयोजित ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। खरगे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के आरोपों वाला प्रस्ताव पेश किया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने समापन भाषण दिया। इसके बाद प्रस्ताव को पारित किया गया।
इस कार्यवाही में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की कार्यवाही को संसदीय चर्चा की तर्ज पर आयोजित किया गया।
‘इंडिया’ गठबंधन पिछले कुछ समय से कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने में भूमिका निभाई है।
विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी संपर्क कर चुके हैं और उच्चतम न्यायालय का रुख भी किया है।
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