बंगाल विधानसभा में हंगामे के बाद शुभेंदु समेत चार बीजेपी विधायक सस्पेंड, ममता बनर्जी के बहिष्कार की दी धमकी
अग्निमित्र पाल द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इनकार किए जाने के बाद अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट आ गए और हंगामा करते हुए सदन की कार्यवाही से जुड़े कागजों को फाड़कर फेंक दिय।

पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन में भारी हंगामा और अशोभनीय व्यवहार करने पर आज नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के चार विधायकों को बजट सत्र के अंत तक या अगले 30 दिन तक सदन से निलंबित कर दिया। अग्निमित्र पाल, बंकिम घोष और विश्वनाथ कर्क भी सस्पेंड होने वाले विधायकों में शामिल हैं।
अग्निमित्र पाल द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इनकार किए जाने के बाद अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट आ गए। सरस्वती पूजा के आयोजन को लेकर राज्य में कुछ स्थानों पर कथित रूप से धमकी दिए जाने के मामले को उठाते हुए बीजेपी द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाया गया। बीजेपी के नेता आसन के निकट आ गए और सदन की कार्यवाही से जुड़े कागजों को फाड़ कर फेंक दिया जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने सदन से बर्हिगमन किया।
वहीं, बीजेपी सदस्यों पर अशोभनीय आचरण का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने विपक्षी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाला एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर मतदान हुआ और सदन में मौजूद तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया। बनर्जी ने कहा, ‘‘सदन द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया और तदनुसार उन्हें (बीजेपी विधायकों) 30 दिन या शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।’’
शुभेंदु अधिकारी ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि जब तक विपक्ष के नेता का निलंबन लागू रहेगा, बीजेपी विधायक सदन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बहिष्कार करेंगे। पाल ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर कोलकाता के एक विधि कॉलेज सहित राज्य में कुछ स्थानों पर पुलिस सुरक्षा के साथ सरस्वती पूजा आयोजित की गई।
पाल ने कहा कि उनके और पार्टी के कुछ अन्य विधायकों द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने से अध्यक्ष द्वारा इनकार किए जाने के विरोध में बीजेपी विधायकों ने बर्हिगमन किया था।अध्यक्ष ने सदन में चर्चा की अनुमति न देते हुए बीजेपी के एक विधायक को प्रस्ताव पढ़ने की अनुमति दी। पाल द्वारा सदन में प्रस्ताव पढ़ने के बाद बीजेपी विधायकों ने नारे लगाना और तख्तियां लेकर विरोध करना शुरू कर दिया।
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