'युवाओं को बहला-फुसलाकर बेरोजगार करने की स्कीम है अग्निपथ योजना', उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन जारी

उत्तराखंड के युवाओं का कहना है कि अग्निपथ योजना रोजगार नहीं युवाओं को बहला-फुसलाकर बेरोजगार करने की स्कीम है। अगर सरकार रोजगार देना चाहती है तो सेना में तमाम खाली पड़े पदों को स्थाई तौर पर भरा जाए।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

अग्निपथ योजना के विरोध में सोमवार को भारत बंद के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे संदेश को लेकर उत्तराखंड पुलिस सतर्क हो गई है। प्रदेशभर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डों समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सभी जिलों के प्रभारियों को सजग रहने के निर्देश जारी किए हैं। वह अग्निपथ योजना वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

युवाओं का कहना है कि इस योजना से उन्हें नुकसान है। कई युवा सालों से सेना भर्ती की तैयारी रहे हैं। चार साल की नौकरी में उन्हें कोई फायदा नहीं है। कुछ युवाओं का कहना है कि दो वर्ष पूर्व उन्होंने शारीरिक दक्षता और मेडिकल टेस्ट पास किया था। उसकी लिखित परीक्षा होनी थी। पर अभी तक नहीं हुई है।

उनका कहना है कि अग्निपथ योजना रोजगार नहीं युवाओं को बहला-फुसलाकर बेरोजगार करने की स्कीम है। अगर सरकार रोजगार देना चाहती है तो सेना में तमाम खाली पड़े पदों को स्थाई तौर पर भरा जाए। युवाओं ने अग्निपथ योजना को वापस लेने और पूर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया की लिखित परीक्षा कराने की मांग की है।

युवाओं ने कहा कि उत्तराखंड सैन्यभूमि है। यहां का हर युवा देशसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है, लेकिन केंद्र सरकार के सशस्त्र बलों में टूर आफ ड्यूटी को लागू करने से प्रदेश के युवाओं को भारी आघात पहुंचा है। पहाड़ के युवाओं के लिए सेना में जाना अपने सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना माना जाता है, इसलिए अधिकतर युवा बाल्यकाल से ही सेना में जाने की तैयारियों के लिए जुट जाते हैं, लेकिन अब सेना में चार साल की सेवा तय करने से प्रदेश के युवाओं में भारी रोष है एवं कई युवा ऐसे हैं, जिनकी शारीरिक दक्षता और मेडिकल क्लियर हो चुका है।


युवा लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे थे पर भर्ती प्रक्रिया रद कर दी गई है। प्रदेश के अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अब अधिक चिंताएं हैं। मुख्यमंत्री खुद सैन्य परिवार से आते हैं। इसलिए आशा है कि वह युवाओं की चिंता को बेहतर समझेंगे। क्योंकि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है तो प्रदेश के युवा चाहते हैं कि सीएम उनका प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री के सामने उनकी चिंता को रखें। सेना में चार साल के टूट आफ ड्यूटी जैसे प्रस्ताव पर एक बार फिर पुनर्विचार करते हुए रद किया जाए। अन्यथा युवा अपना रोष जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार के विरुद्ध निरंतर विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को किसी कार्यक्रम के गोपेश्वर पहुंचे। जहां कांग्रेसियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और अग्निपथ योजना के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने इन कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। देहरादून में योजना के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष यूकेडी कार्यकर्ताओं द्वारा भी केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।

अग्निपथ योजना के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। सोमवार को कार्यकर्ताओं ने बिना किसी नारेबाजी के शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने अग्निपथ योजना को वापस लिए जाने की मांग की।

उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में तीनों सेनाओं में भर्ती हेतु अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती घोषित है, उसके बारे में उत्तराखंड क्रांति दल का दृढ़ मत है कि यह योजना न तो देश के नौजवानों के हित में है और ना हि देश की सुरक्षा के हित में।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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Published: 20 Jun 2022, 5:12 PM