अहमदाबाद विमान हादासा: गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी समेत 265 लोगों की मौत
अहमदाबाद में गुरुवार को हुई विमान दुर्घटना में 265 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। इनमें विमान में सवार 241 और अन्य उस इमारत के लोग हैं जिसमें यह विमान क्रैश हुआ था।

एअर इंडिया का लंदन जा रहा विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद यहां एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कम से कम 265 लोग मारे गए। विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी मृतकों में शामिल हैं। इस हादसे में विश्वास कुमार रमेश नामक एक यात्री, जो दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) की 11ए सीट पर बैठा था, चमत्कारिक रूप से बच गया।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास शहर के सिविल अस्पताल और बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की यह घटना देश के सबसे भयावह हवाई हादसों में से एक है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर कानन देसाई ने बताया कि, ‘‘हमें प्राप्त संदेश के अनुसार 265 शव शहर सिविल अस्पताल पहुंचाए जा चुके हैं।’’
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में चार एमबीबीएस छात्र और एक चिकित्सक की पत्नी शामिल है। बहुमंजिला छात्रावास भवन में दोपहर के भोजन के समय विमान के कुछ हिस्से के भोजन कक्ष से टकराने के कारण कई छात्र प्रभावित हुए।
एअर इंडिया के मुताबिक, विमान में सवार 230 यात्रियों में से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई और सात पुर्तगाली नागरिक थे। विमान में सवार अन्य 12 लोगों में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य थे।
एअर इंडिया ने विमान में सवार 241 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की
एअर इंडिया ने पुष्टि की है कि बृहस्पतिवार को लंदन जा रहे उसके विमान के अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार 241 लोगों की मौत हो गई। विमानन कंपनी ने बृहस्पतिवार देर रात जारी एक बयान में कहा, ‘‘हमें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है।’’ बयान में कहा गया है कि एकमात्र जीवित व्यक्ति भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है और उसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
इस बीच अहमदाबाद सिविल अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में कार्यरत डॉ. शरीक एम ने बताया कि हादसे में जीवित बचे रमेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह अपने भाई के साथ लंदन जा रहा था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान का तापमान ईंधन जलने के कारण इतना अधिक था कि किसी को बचा पाने की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। अमित शाह ने कहा, ‘‘विमान के अंदर 1.25 लाख लीटर ईंधन था। विमान गर्म हो गया था, इसलिए किसी को भी बचाने की गुंजाइश नहीं थी।’’ उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के बाद पूरा देश गहरे सदमे में है। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारी मृतकों की संख्या डीएनए जांच और पीड़ितों की पहचान के बाद आधिकारिक तौर पर जारी करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों से डीएनए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और गुजरात में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय पीड़ितों के डीएनए की जांच करेंगे।’’
अहमदाबाद में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) ने बताया कि विमान के पायलट ने अपराह्न 1.39 बजे उड़ान भरने के तुरंत बाद 'मेडे' (आपातकालीन संदेश देने के लिए) कॉल किया, जो पूर्ण आपात स्थिति का संकेत था। विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) की भी तलाश जारी है, ताकि यह पता चल सके कि अंतिम पलों में क्या हुआ था। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद एकदम तेजी से नीचे आया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटनास्थल पर काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। यह विमान 11 साल पुराना था। लंबी यात्रा के लिए ईंधन टंकी पूरी तरह से भरी रहने का उल्लेख करते हुए विमानन विशेषज्ञों ने बताया कि विमान नीचे गिरने से पहले महज 600 से 800 फुट की ऊंचाई पर गया था।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध वीडियो फुटेज के अनुसार, दोनों इंजन का पूरी क्षमता से काम न करना या पक्षी का टकराना दुर्घटना के संभावित कारणों में से एक हो सकता है। टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में देखा जा सकता है कि विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद नीचे की ओर आया, जबकि उसका लैंडिंग गियर (पहिया) अब भी बाहर निकला हुआ था।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक बयान के मुताबिक, ‘‘विमान ने अहमदाबाद से अपराह्न 1.39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी। इसने एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रण) को ‘मेडे’ (आपातकालीन संदेश देने के लिए) कॉल किया, लेकिन उसके बाद एटीसी द्वारा की गई कॉल का विमान से कोई जवाब नहीं मिला।’’
अहमदाबाद में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद इसमें लगी आग इतनी भीषण थी कि उसकी वजह से कई बहुमंजिला इमारतें बुरी तरह से प्रभावित हुईं, पेड़ झुलस गए और कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक वीडियो में विमान का पिछला हिस्सा इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल से टकराता हुआ देखा जा सकता है, जो नर्सों और चिकित्सकों के छात्रावास का भोजन कक्ष प्रतीत हो रहा है।
अहमदाबाद में हवाई अड्डे पर उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था, जिसे शाम में बहाल कर दिया गया।
इस दुर्घटना को लेकर देश-विदेश के नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों तथा अन्य ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उनकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में राष्ट्र प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अहमदाबाद की त्रासदी से हम स्तब्ध और दुखी हैं। यह हृदयविदारक है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूं, जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।’’
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री पीके धूमल ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई।
ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय ने कहा कि वह और उनकी पत्नी रानी कैमिला ‘‘अहमदाबाद में हुई भयावह दुर्घटना से स्तब्ध हैं।’’ बकिंघम पैलेस (ब्रिटिश राष्ट्राध्यक्ष आवास) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘अहमदाबाद में हुए भयावह विमान हादसे की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं। ब्रिटेन, भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर तथ्यों का तत्काल पता लगाने और सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है।’’
इस दौरान डीजीसीए ने एक बयान में बताया कि उड़ान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के हाथों में थी। उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी थे। सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था, जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था।
बयान के अनुसार, रनवे 23 से उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान हवाई अड्डे की परिधि के बाहर, नीचे गिर गया। बयान में कहा गया है, ‘‘12 जून 2025 को एअर इंडिया का बी787 विमान वीटी-एएनबी अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।’’ इसमें कहा गया है कि विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे।
एअर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक आपात सहायता केंद्र शुरू किया गया है और जानकारी चाहने वाले पीड़ितों के परिजनों के लिए सहायता टीम गठित की गई हैं। एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने भी दुर्घटना पर ‘‘गहरा दुख’’ व्यक्त करते हुए कहा कि यह एयरलाइन में सभी के लिए ‘‘कठिन दिन’’ है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘घायल यात्रियों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा निकटतम अस्पतालों में ले जाया गया है। हम, सभी आपातकालीन सहायता के लिए अधिकारियों के साथ तत्परता से काम कर रहे हैं।’’
विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग ने एक बयान में कहा कि वह एअर इंडिया के संपर्क में है और टाटा के स्वामित्व वाली एयरलाइन को हर सहायता देने के लिए तैयार है। एअर इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने और विवरण उपलब्ध कराने के लिए एक यात्री हॉटलाइन नंबर शुरू किया है।’’
इस भीषण विमान हादसे में पनवेल के न्हावा गांव की 24 वर्षीय विमान परिचारिका मैथिली मोरेश्वर पाटिल के भी मारे जाने की आशंका है। इस त्रासदी की खबर मिलने के बाद गांव के लोग पाटिल के घर पर एकत्र हुए और उन्होंने एक साधारण पृष्ठभूमि से होने के बावजूद विमानन क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने के लिए की गई पाटिल की कड़ी मेहनत को याद किया।
उन्होंने बताया कि कक्षा 12वीं तक टीएस रहमान विद्यालय में पढ़ाई करने के बाद पाटिल ने विमानन पाठ्यक्रम में दाखिला लिया और वित्तीय संकटों के बावजूद उसे अपने परिवार का पूरा समर्थन मिला।
उसके पड़ोसियों ने बताया कि पाटिल को एअर इंडिया में नौकरी मिल गई और वह न्हावा गांव एवं आस-पास के इलाकों में अनगिनत युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई।
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