अजित पवार मौत: रोहित पवार ने गहरी साजिश की आशंका जताई, विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच की उठाई मांग

रोहित पवार ने दावा किया कि विमान हादसे से एक दिन पहले, दादा को शाम को कार से मुंबई से पुणे आना था। उस समय, काफ़िला भी चल पड़ा था। लेकिन दादा कार से क्यों नहीं गए? उन्होंने दावा किया कि अजीत दादा को एक बड़े नेता से मिलना था।

रोहित पवार ने अजित पवार की मौत में गहरी साजिश की आशंका जताई, विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच की उठाई मांग
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नवजीवन डेस्क

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पिछले माह हुए उस विमान हादसे में साजिश का संदेह है जिसमें उनके चाचा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गयी थी। उन्होंने विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा इस हादसे की विस्तृत जांच की मांग भी की।

एनसीपी (एससीपी) नेता रोहित पवार ने कहा, "पूरा महाराष्ट्र सवाल कर रहा है कि अजीत दादा का प्लेन क्रैश एक हादसा था या कोई साज़िश? मैं आप सबके साथ वही शेयर कर रहा हूँ जो मैं महसूस कर रहा हूँ। कुछ लोग अभी भी दादा के कहीं से आने की उम्मीद कर रहे हैं, कुछ कहते हैं कि एयरक्राफ्ट में 6 लोग थे, वह अजीत दादा की डेड बॉडी नहीं थी, यह अभी भी एक बुरे सपने जैसा लगता है।

रोहित पवार ने कहा, "अजीत पवार का प्लेन क्रैश साज़िश का हिस्सा हो सकता है। हमने अजीत पवार के एक्सीडेंट के बारे में कुछ चीज़ों की जांच भी की। एक किताब में लिखा है कि अगर आप किसी इंसान को मारना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है कि उस इंसान के ड्राइवर को मार दिया जाए। एक्सीडेंट से एक दिन पहले, दादा को शाम को कार से मुंबई से पुणे आना था। उस समय, काफ़िला भी चल पड़ा था। लेकिन दादा कार से क्यों नहीं गए? अजीत दादा को एक बड़े नेता से मिलना था।"

रोहित पवार ने एक संवददाता सम्मेलन के दौरान विमान की कमान संभाल रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाया और अतीत में शराब के सेवन के लिए उनके तीन साल के निलंबन का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि सीआईडी के पास इस हादसे की पूरी जांच करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच कराये जाने की मांग भी की, जिनमें भारतीय एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो, ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा (एएआईबी) शामिल हों।


रोहित पवार ने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ का डीजीसीए के अधिकारियों पर प्रभाव है और वह ‘कुछ भी करके बच सकती है।’ उन्होंने कहा कि वीएसआर कंपनी के एक विमान के 2023 में हुए हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही पेश कर दी गई है। इसके बावजूद, वीएसआर कंपनी के विमान अब भी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कंपनी का परिचालन लाइसेंस कभी क्यों रद्द नहीं किया गया।रोहित पवार ने कहा कि बुकिंग करने वाली कंपनी एरो, वीएसआर कंपनी और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमें नहीं लगता कि यह महज एक दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू है।’’

रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या अंतिम क्षणों से पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था? रोहित पवार के अनुसार, मूल पायलट- साहिल मदान और यश- कथित तौर पर यातायात के कारण देरी से पहुंचे थे। उन्होंने पूछा, ‘‘तो सुमित कपूर और शांभवी पाठक एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचे? क्या वे आसपास ही रहते थे?’’

उन्होंने यह भी कहा कि पाठक को कपूर की तुलना में लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था।उन्होंने दावा किया कि विमान के एक तरफ झुकने पर कपूर चुप रहे। एनसीपी (एसपी) विधायक ने पूछा, ‘‘उन्होंने (कपूर ने) मुश्किल रनवे 11 की मांग क्यों की और दृश्यता की समस्या के बावजूद लैंडिंग का प्रयास क्यों किया?’’ उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की। हालांकि, एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार ने हादसे के बाद इस त्रासदी में किसी भी साजिश की आशंका को खारिज करते हुए इसे एक दुर्घटना करार दिया था।

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