दलितों के उत्थान में नाकाम रहे अकाली-बीजेपी, अमरिंदर ने वोट की राजनीति करने का लगाया आरोप

अंबेडकर जयंती मनाने के लिए आयोजित वर्चुअल राज्य-स्तरीय समारोह में बोलते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोहराया कि दलित समुदाय के लिए अकालियों ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अकाली-बीजेपी सरकार रहने के बावजूद एससी समुदाय के लिए इन लोगों ने कुछ नहीं किया।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सत्ता में आने पर दलित को उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री नियुक्त करने के अकाली दल और भाजपा के वादों को खोखला करार देते हुए इसे वोट हासिल करने का एक तरीका बताया। अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि बीजेपी और अकाली दल दोनों ही दलितों के उत्थान में नाकाम रहे।

सत्ता में अपने कार्यकाल के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के लिए कुछ नहीं करने वाले दोनों दलों के चौंकाने वाले कथित खराब रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी 10 वर्षों तक राज्य में सत्ता में रहने के बावजूद दलितों का कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहीं। उन्होंने कहा कि अब 2022 के चुनावों पर नजर रखते हुए इस समुदाय को लुभाने के लिए राजनीतिक दिखावटीपन का सहारा लिया जा रहा है।

अमरिंदर सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सुखबीर बादल अब उपमुख्यमंत्री का वादा कर रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा या उनकी पार्टी की ओर से बीजेपी के साथ गठबंधन में समुदाय के लिए किया गया ऐसा कोई भी काम नहीं है, जो वह दिखा सकें। उन्होंने इस प्रकार के वादे को हास्यास्पद करार दिया और अकाली दल के अलावा बीजेपी की ओर से भी दलित मुख्यमंत्री का वादा करने पर दोनों ही पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसानों के मुद्दे पर राज्य में पार्टी के खिलाफ नाराजगी है और यहां तक कि एक जीतने योग्य उम्मीदवार ढूंढना भी उनके लिए एक चुनौती होगी। पिछले अकाली दल-बीजेपी शासन के तहत राज्य में दलितों की कथित दयनीय स्थिति की ओर इशारा करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि एससी समुदाय 10 साल तक राज्य में अब तक की सबसे उदासीन सरकार के शासन में जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने अंबेडकर जयंती मनाने के लिए वर्चुअल राज्य-स्तरीय समारोह में यह बात कही। उन्होंने दोहराया कि अकालियों ने उनके लिए कुछ नहीं किया। सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद, एससी समुदाय के लिए किए गए किसी भी चुनावी वादे को पूरा नहीं किया।

अमरिंदर सिंह ने अपनी सरकार के काम गिनवाते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार ने शगुन की राशि बढ़ाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राशि बढ़ाकर 51,000 रुपये कर दी है, जो कि 1 जुलाई, 2021 से प्रभावी होगी। इसी तरह, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में की गई वृद्धि को लेकर भी उन्होंने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई।

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