एलपीजी संकट पर अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला, कहा- हकीकत छिपा नहीं सकती सरकार

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार यह मान ले कि गैस की कमी है, तो जनता भी सहयोग करेगी, लेकिन सरकार का दावा है कि कहीं कोई कमी नहीं है और गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आखिरकार इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है।

एलपीजी संकट पर अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला, कहा- हकीकत छिपा नहीं सकती सरकार
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नवजीवन डेस्क

समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि गैस लापता हो गई। उन्होंने कहा कि अगर कोई अफवाह फैला रहा है, तो वह सरकार है। अगर सरकार यह मान ले कि गैस की कमी है, तो जनता भी सहयोग करेगी, लेकिन सरकार का दावा है कि कहीं कोई कमी नहीं है और गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि हकीकत यह है कि गैस तो जैसे गायब ही हो गई है। हर शहर नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी में सिलेंडरों के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो, जहां लोग लंबी लाइनों में खड़े न हों। आखिरकार इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है। अफवाह सरकार ने फैलाई कि इतने दिन बाद बुकिंग कर सकते हैं। ऑनलाइन में बुकिंग के दौरान दिक्कत है, ऑनलाइन गैस बुक नहीं कर सकते।


अखिलेश यादव ने कहा कि यह दौर सोशल मीडिया का है, संकट को आप छिपा नहीं सकते। गैस संकट की वजह से रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। लोगों की शादियां रुक रही हैं। अगर दिक्कत ज्यादा बढ़ी तो लोग खाना कैसे बनाएंगे। रेहड़ी-पटरी वाले कैसे काम करेंगे। चाट वाले अब चाट भी नहीं बना पाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के नोटिस पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम और हमारी पार्टी इसका समर्थन करती है, क्योंकि चुनाव आयोग हमारी बात नहीं सुन रहा है। उत्तर प्रदेश में हमारे कैमरों ने वह सब रिकॉर्ड किया है जो कुछ भी हुआ। उपचुनाव को लूट लिया गया। उस समय चुनाव आयोग क्या कर रहा था। हम लोकसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे।


जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक वरिष्ठ नेता हैं और जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं फिर दोहराता हूं कि सरकार को उनकी उचित और पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वह एक महत्वपूर्ण नेता हैं जो समाज में अहम योगदान दे सकते हैं और देश को सही दिशा दिखाने में मदद कर सकते हैं। उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए।