नोएडा में ट्रैफिक पुलिस की प्रताड़ना से इंजीनियर की मौत पर अखिलेश बोले- योगी सरकार बंद करे ‘ट्रैफिक टैररिज्म’

नोएटा में रविवार को मूलचंद शर्मा नाम के व्यक्ति कार में अपनी पत्नी और बेटे के साथ भांजे से मिलने इंदिरापुरम जा रहे थे। इसी दौरान मॉडल टाउन अंडरपास के ऊपर खड़े एक ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा करते हुए गाड़ी के बोनट पर डंडे मारने शुरू कर दिए।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश में नया यातायात नियम लागू होने के बाद आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। भारी चालान काटे जाने से लोग परेशान हैं। कुछ लोगों की तो जान पर बन आई है। नोएडा में सड़क पर चालान को लेकर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों से नोंकझोक के बाद एक सॉफ्टवेयर इंजिनीयर की मौत पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “बीजेपी सरकार द्वारा लागू ‘ट्रैफिक टैररिज्म’ के कारण नोएडा में वाहन चेकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हार्ट अटैक से मृत्यु बेहद दुखद घटना है। मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना! बीजेपी शासित गुजरात ने इन प्रताड़नाकारी नियमों को नकार दिया है, उत्तर प्रदेश सरकार भी उत्पीड़न बंद करे।”

गौरतलब है कि रविवार शाम को मूलचंद शर्मा नाम के व्यक्ति कार में अपनी पत्नी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे गौरव के साथ अपने भांजे से मिलने इंदिरापुरम जा रहे थे। उसी दौरान मॉडल टाउन अंडरपास के ऊपर इंदिरापुरम साइड में खड़े एक ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा करते हुए गाड़ी के बोनट पर डंडे मारने शुरू कर दिए।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव और उनके पिता ने ट्रैफिक पुलिस कर्मी की हरकत का विरोध किया। गौरव के परिजन अंकुर शर्मा ने बताया कि पुलिस कर्मी अभद्रता पर उतर आए। कार को किनारे लगवाने के बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी चालान और गाड़ी सीज करने की धमकी देते हुए फोटो खींचना शुरू कर दिया।

इस दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव को चक्कर आया और वह वहीं पर गिर कर बेहोश हो गए। उन्हें गिरते देख ट्रैफिक पुलिस कर्मी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से गौरव को पहले फोर्टिस और फिर कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से गौरव की मौत हो चुकी है।

Published: 11 Sep 2019, 4:59 PM
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