देश भर में हड़ताल पर ट्रांसपोर्ट कर्मचारी, मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट-2017 का कर रहे हैं विरोध, लोग परेशान 

सड़कों पर रोडवेज बसों के पहिए जाम हो चुके हैं। मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 के विरोध में रोडवेज और निजी ट्रांसपोर्टर्स द्वारा की जा रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

आज ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट संगठन ने मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 को रद्द करने की मांग को लेकर बंद बुलाया है। इस बंद के चलते आम जनता को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। मोटर व्हीकल संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है अब इसे राज्यसभा की मंजूरी का इंतजार है। पिछले दिनों गाड़ियों के इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ा दिए गए थे। प्रदर्शनकारी इसकी वापसी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ये लोग पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर रोक लगाने की मांग भी कर रहे है। बीएमएस को छोड़कर बाकी ट्रेड यूनियन इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं।

हरियाणा सरकार ने सड़क सुरक्षा और परिवहन के साथ-साथ निजी बसों को परिवहन विभाग में शामिल करने का प्रस्ताव लाई है, जिसका रोडवेज कर्मचारियों विरोध कर रहे हैं। इस बिल के अनुसार अगर हरियाणा रोडवेज की बस से कोई भी व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो उसका हर्जाना ड्राइवर से वसूलने की बात कही गई है इसलिए रोडवेज के कर्मचारी सरकार का विरोध कर रहे हैं। राज्य स्तर पर 11 ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया है जिसके तहत कर्मचारी मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2017 को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

केरल के लोग भी ट्रांपोर्ट कॉर्पोरेरेशन की हड़ताल से परेशानी का सामना कर रहे हैं। केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन संयुक्त ट्रेड यूनियन कमेटी ने सड़क सुरक्षा और परिवहन विधेयक के खिलाफ आज 24 घंटे की का अह्वान किया है। बस के इंतजार में लोग सड़कों पर खड़े नजर आ रहे हैं

कर्नाटक ट्रांससपोर्ट कॉर्पोरेशन ने आज प्रदेशभर में बंद का एलान किया है, लेकिन कॉर्पोरेशन की ओर से बेंगलुरु में होने वाले प्रदर्शन को टाल दिया गया है। ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन मोटर वेहिकल (संशोधन) बिल 2017 का विरोध कर रहा है। मोबाइल एप द्वारा चलने वाली टैक्सी ओला, उबर ने भी इस बंद का समर्थन किया है, जिसकी वजह से लोगों को काकी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बसें चलती नजर आ रही हैं।

इटंक के राज्य उपप्रधान सूरजमल ने कहा कि सरकार रोडवेज का विकास नहीं करना चाहती। पूंजीपतियों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए के ये बिल ला रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 5 सिंतबर की राज्य तालमेल कमेटी की बैठक होगी। अगर सरकार आज के आंदोलन से नहीं मानी तो 5 सितंबर को प्रदेश भर में फिर से जाम लगाया जाएगा।

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