अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू, 6 दिन बाद खुले रास्ते, 22 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जम्मू-कश्मीर में 6 दिन बाद अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू हो गई। 22 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि शिव खोरी यात्रा अब भी बंद है।

फोटो: सोशल मीडिया
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खराब मौसम के कारण छह दिनों तक बंद रहने के बाद जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ और माता वैष्णो देवी की धार्मिक यात्राएं शनिवार से फिर शुरू हो गईं। यात्रा बहाल होते ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मंदिरों और पवित्र गुफा की ओर पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार शाम तक 4,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की, जबकि कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में 18,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हालांकि, रियासी जिले के शिव खोरी मंदिर की यात्रा लगातार सातवें दिन भी बंद रही।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 19 से 24 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी। इसके बाद 18 जुलाई को श्री अमरनाथ जी, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी समेत सभी यात्राएं एहतियातन रोक दी गई थीं। मौसम में सुधार और हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया।

बालटाल रूट से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का काफिला

3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र गुफा के करीब चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह गुफा क्षेत्र में मौसम साफ रहा, जबकि दोपहर में हल्की बारिश हुई, इसके बावजूद यात्रा सामान्य रूप से चलती रही।

मौसम में सुधार और उधमपुर-रामबन खंड में भूस्खलन तथा पत्थर गिरने के कारण बंद पड़े जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा खुलने के बाद यात्रा फिर शुरू की गई। शनिवार तड़के करीब 2:40 बजे 6,269 श्रद्धालु 223 वाहनों के काफिले में कड़ी सुरक्षा के बीच भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। हालांकि, इस दौरान जम्मू से पहलगाम रूट के लिए कोई काफिला नहीं भेजा गया।


वैष्णो देवी में पुराने रास्ते से दर्शन, पहलगाम रूट अस्थायी रूप से बंद

अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के दौरान कटरा के विभिन्न होटल और धर्मशालाओं में रुके 18,000 श्रद्धालुओं ने शनिवार शाम तक पुराने मार्ग से माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन किए। वहीं, पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर नया रास्ता बंद रखा गया, जबकि शाम को भारी बारिश के कारण यात्रा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।

पिछले कुछ दिनों में कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में हुई भारी बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हुआ और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ गया था। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने यात्रा रोक दी थी। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

डिविजनल कमिश्नर बोले- बालटाल रूट से जारी रहेगी यात्रा

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा कि हाल की बारिश के कारण पहलगाम रूट पर मरम्मत और रखरखाव कार्य की तत्काल आवश्यकता है। इसी वजह से पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा कुछ समय के लिए बंद रहेगी, जबकि बालटाल रूट से यात्रा पहले की तरह जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि हालिया बारिश के कारण पहलगाम मार्ग पर बहाली और मरम्मत का काम किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बालटाल मार्ग पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

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