अमरनाथ यात्रा 2026: 'बम-बम भोले' की गूंज के साथ पहला जत्था जम्मू से रवाना, उप-राज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी
इस साल 57 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा कर सकेंगे।

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 यात्रा शुरू हो गई है, आज पहला जत्था रवाना भी हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही इस वर्ष की पवित्र अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
इस बीच कश्मीर घाटी के बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों में "बम-बम भोले" के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही। सीआरपीएफ की 137वीं बटालियन ने अपनी K9 यूनिट के साथ उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गहन तलाशी अभियान चलाया, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रहे।
इससे पहले मंगलवार को भी सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी थीं। आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की गईं और पूरे यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। श्रीनगर के पठान चौक स्थित नए यात्री निवास 'श्री प्रेम गर्ग भवन' में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा अभ्यास किया।
करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है।
इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। श्रद्धालु पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा कर सकेंगे। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन होगा।
