अम्फान ने आंधी-बारिश के साथ बंगाल में दी दस्तक, कहर से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 36 टीमें तैनात, 24 बैकअप में

अम्फान 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में बना सबसे तेज चक्रवात है, जो बहुत तेजी से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है। उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिले सबसे ज्यादा खतरे में हैं, जबकि कोलकाता, हुगली, हावड़ा और पश्चिमी मिदनापुर में तेज हवाएं चलेंगी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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चक्रवाती तूफान अम्फान के पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों के करीब पहुंचने के साथ ही कई इलाकों में आंधी और बारिश शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दीघा और कोलकाता में दोपहर से भारी बारिश के साथ अम्फान ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच दोनों राज्यों में तट से लगने वाले संवेदनशील और निचले इलाकों को खाली कराने का काम तेज कर दिया गया है।

इस बीच महाचक्रवात को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय मौसम विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों के बारे में जानकारी दी। एनडीआरएफ के प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा कि वर्तमान में एनडीआरएफ की कुल 36 टीमों को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तैनात किया गया है। ये टीम जागरूकता फैलाने के साथ ही लोगों को बाहर निकालने का काम कर रही हैं। एनडीआरएफ प्रमुख ने कहा कि 6 बटालियन वाराणसी, पटना, गुवाहाटी, विजयवाड़ा, अरक्कोनम और पुणे में बैकअप में हैं। हर बटालियन में चार टीम हैं, ऐसे में हमारे पास 24 अतिरिक्त टीम हैं। मिलिट्री एयरपोर्ट और विमान की सुविधा है, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत लाया जा सकता है।

वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि यह दूसरा सुपर साइक्लोन साल 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में बना सबसे तेज चक्रवात है। उन्होंने बताया कि समुद्र में इसकी हवाओं की रफ्तार इस समय 200 से 240 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच है और यह उत्तर-उत्तरी पश्चिमी दिशा में बढ़ रहा है। महापात्रा ने कहा कि अम्फान से पश्चिम बंगाल में उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। जबकि कोलकाता, हुगली, हावड़ा और पश्चिमी मिदनापुर जिलों को 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही हवाओं का सामना करना पड़ेगा।

इससे पहले मंगलवार की सुबह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की। खबरों के अनुसार शाह ने मुख्यमंत्री से दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में की गई व्यवस्था के बारे में विस्तार से बात की। बताया जा रहा है कि शाह ने मुख्यमंत्री को बताया है कि केंद्र चक्रवाती तूफान से संबंधित सभी घटनाओं पर करीबी नजर रख रहा है। शाह ने यह भी कहा कि केंद्र राज्य सरकार को सभी राहत सामग्री प्रदान करने के लिए तैयार है।

अनुमान है कि चक्रवाती तूफान अपने पूरे रौद्र रूप में बुधवार शाम तक भारी बारिश के साथ तटीय क्षेत्र के एक बड़े हिस्से से टकरा सकता है। पश्चिम बंगाल के अलावा गुरुवार तक ओडिशा, सिक्किम और मेघालय के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। अनुमान के अनुसार अम्फान पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच कहीं पर दस्तक दे सकता है। इसके अलावा यह राज्य के दक्षिण 24-परगना जिले के काकद्वीप और सागर द्वीप के बीच भी अधिकतम 185 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दस्तक दे सकता है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएम ममता बनर्जी ने राज्य आपदा प्रबंधन के अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से सभी एहतियात बरतने का आदेश दिया है। स्थिति की समीक्षा के लिए कई जिलों में चौबीस घंटे कंट्रोल रूम खोले गए हैं। हर एक घंटे पर स्थिति पर नजर रखने के लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और कोलकाता पुलिस द्वारा कई कदम उठाए गए हैं। केएमसी, अरण्य भवन और राज्य सचिवालय नबन्नो में स्थिति पर नजर रखने के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष भी खोला गया है।

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