एमपी, मुंबई की तरह दिल्ली के पत्रकारों पर भी कोरोना का खतरा, केजरीवाल ने जांच कराने का किया ऐलान
देशभर में लॉकडाउन के बावजूद बाकी अन्य जरूरी सेवाओं की तरह मीडियाकर्मियों को भी घरों के बाहर निकलना पड़ता है और खबरों के लिए शहरों में भटकना पड़ता है। अब काम की इस मजबूरी ने देश में बड़े पैमाने पर पत्रकारों को कोरोना के खतरे में ला दिया है।

कोरोना वायरस के खतरे के बावजूद कुछ सेवाएं और काम ऐसे हैं, जो बंद नहीं हो सकते। जैसे- डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाई कर्मचारियों और पुलिस वालों के अलावा मीडिया कर्मियों को भी अपनी ड्यूटी निभाने के लिए घर से बाहर निकलना ही होता है। देशभर में लॉकडाउन के बावजूद बाकी अन्य जरूरी सेवाओं की तरह मीडियाकर्मियों को भी घरों के बाहर निकलना पड़ता है और खबरों के लिए शहरों में भटकना पड़ता है।
लेकिन अब काम की इसी मजबूरी ने देश में बड़े पैमाने पर पत्रकारों को कोरोना के खतरे में ला दिया है। हाल ही में मुंबई में 50 से भी ज्यादा पत्रकार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश में कुछ पत्रकारों के कोरोना संक्रमित होने की खबर आई थी। अब आज चेन्नई से भी 25 पत्रकारों के कोरोना से संक्रमित होने की खबर है। ऐसे हालात में दिल्ली के पत्रकारों पर कोरोना के खतरे को देखते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने राजधानी के सभी पत्रकारों का कोरोना टेस्ट करवाने का ऐलान किया है।
सीएम केजरीवाल ने यह जानकारी ट्वीटर के जरिये दी है। दरअसल एक पत्रकार ने मुंबई में 53 पत्रकारों के कोरोना पॉजिटिव होने को लेकर एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मुंबई में करीब 53 पत्रकार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे, लेकिन मुंबई में पत्रकारों की बड़ी संख्या में टेस्टिंग हुई, तब जाकर ये मामले सामने आए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए सलाह दिया कि दिल्ली में भी पत्रकारों का इसी तरह के टेस्ट होना चाहिए। उक्त पत्रकार के इसी ट्वीट पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हां, बिल्कुल, हम जरूर करेंगे।”
इससे साफ है कि मुंबई की तरह अब राजधानी दिल्ली में भी उन सभी पत्रकारों का कोरोना टेस्ट हो सकता है, जो कोरोना संकट में भी रोज अपनी ड्यूटी या रिपोर्टिंग के लिए घरों से बाहर निकलते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली समेत देश भर में रोजाना हजारों पत्रकार कोरोना संक्रमण की खबर करने के लिए घरों से बाहर निकलते हैं और अस्पतालों और ऑफिसों के चक्कर काटते हैं। ऐसे में वो कोरोना के खतरे के दायरे में आ जाते हैं, क्योंकि अब तक कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में अब पत्रकारों पर भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में पत्रकारों की जांच एक स्वागत योग्य कदम होगा।
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Published: 21 Apr 2020, 7:19 PM
