बिहार में सियासी उलटफेर की चर्चा के बीच JDU-RJD समेत कई पार्टियों की बैठक, NDA को अलविदा कहेंगे नीतीश कुमार?

बिहार में सियासी बदलाव की अटकलों का दौर जारी है। सभी की निगाहें अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की JDU और RJD की अपने-अपने विधायकों की बुलाई बैठकों पर टीकी हुई हैं।

फोटो: Getty Images
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विनय कुमार

बिहार में सियासी उलटफेर की चर्चा के बीच कई पार्टियों का बैठकों दौर जारी है। बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी आवास पर विधायक दल बैठक जारी है। बैठक में कई विधायक पहुंचे हुए हैं। दूसरी ओर 11 बजे के आस पास जेडीयू की अहम बैठक भी होने वाली है। इस बैठक में सियासी सरगर्मी के बीच आगे की रणनीति पर मंथन होगा। सभी सांसद और विधायक शामिल होंगे।

नीतीश कुमार का हर फैसला मंजूर

पार्टी के सांसदों और विधायकों की अहम बैठक से एक दिन पहले जनता दल (यूनाइटेड) ने सोमवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो भी फैसला लिया जायेगा, वह संगठन में सभी को स्वीकार्य होगा। जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर किसी तरह के विभाजन या फूट का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जदयू के निर्विवाद नेता हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में उनका सम्मान है।


कांग्रेस के सभी विधायक पटना पहुंचे

बिहार में बदली राजनीतिक परिस्थिति के बीच कांग्रेस के सभी विधायक सोमवार को पटना पहुंच गये हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास भी पटना पहुंच चुके हैं।

बीजेपी खेमे में काफी खामोशी है।

एनडीए गठबंधन में तनाव की खबरों के बीच बीजेपी खेमे में काफी खामोशी है। सोमवार दोपहर अचानक रविशंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, नितिन नवीन, नित्यानंद राय आदि नेताओं के दिल्ली जाने से थोड़ी हलचल जरूर हुई. अधिकांश बीजेपी नेता कोई भी सार्वजनिक बयान देने से बचते दिख रहे हैं। टूट के सवाल पर उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार तो है और अच्छे से चल रही है।

हम ने भी बुलाई बैठक

जीतन राम मांझी ने भी अपनी पार्टी हम की बैठक बुलाई है। बैठक में सभी विधायकों को आने के लिए कहा गया है। बिहार में जो भी समीकरण बने। हम नीतीश कुमार के साथ मजबूती से खड़े हैं।


ऐसे समझें नीतीश कुमार की नाराजगी

1. सीएम नीतीश चाहते हैं कि विजय कुमार सिन्हा को बिहार विधानसभा सभा अध्यक्ष पद से हटाया जाए। विजय सिन्हा को लेकर नीतीश कई बार अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

2. नीतीश इस बात से भी नाराज हैं कि JD(U) के केवल एक नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में जगह ऑफर की गई।

3. नीतीश कुमार राज्यों और केंद्र में एकसाथ चुनाव कराने के विचार के भी खिलाफ हैं। लोकसभा और अलग-अलग विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने का सुझाव पीएम मोदी ने दिया था, जिसका विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया है।

4. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने केंद्रीय मंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार को दरकिनार करते हुए बीजेपी नेतृत्व से सीधे बात की थी।

5...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई कारण अब तक नहीं बताया गया।

बता दें कि आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। जेडीयू ने उनसे भ्रष्टाचार आरोपों पर सफाई मांगी थी, जिसके बाद आरसीपी सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जेडीयू नेता आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते थे। सिंह के जनता दल (युनाइटेड) से इस्तीफा देने के बाद न केवल जेडीयू में हलचल तेज है, बल्कि बिहार की सियासत में भी हलचल है।

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