जब अमित शाह से मिलीं सीपीएम सांसद, तो गृहमंत्री ने समस्या सुलझाने के बजाय कर दी बीजेपी में शामिल होने की पेशकश

बीजेपी राज्यसभा में अपने सांसदों की संख्या बढ़ाने के लिए कुछ भी करने को आतुर दिखती है। जो मामला सामने आया है उसके मुताबिक सीपीएम सांसद झरना दास को गृहमंत्री अमित शाह ने खुलेआम बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की है।

त्रिपुरा से राज्यसभा सांसद झरना दास बैद्य (फोटो : सोशल मीडिया)
त्रिपुरा से राज्यसभा सांसद झरना दास बैद्य (फोटो : सोशल मीडिया)

ऐशलिन मैथ्यू

अब यह साफ होता जा रहा है कि बीजेपी ने देश को विपक्ष मुक्त करने का मिशन शुरु कर दिया है। कर्नाटक में जो कुछ हो रहा है, वह सामने है ही, इसके अलावा भी कई दल हैं जिन्हें बीजेपी रिझाने की कोशिश कर रही है। ताज़ा मामला गृहमंत्री अमित शाह से जुड़ा है। अमित शाह ने त्रिपुरा से सीपीएम सांसद को खुलेआम बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की, जाहिर है सांसद ने इस पेशकश को ठुकरा दिया।

त्रिपुरा से एकमात्र राज्यसभा सांसद सीपीएम की झरना दास ने बताया कि वे 16 जुलाई को गृहमंत्री अमित शाह से संसद में उनके कार्यालय में मिली थीं। उन्होंने गृहमंत्री को अपने संसदीय क्षेत्र में पंचायत चुनावों के दौरान हो रही हिंसक घटनाओं से संबंधित ज्ञापन दिया और इस मामले में कार्यवाही का आग्रह किया। इसके अलावा वे गृहमंत्री से एक ऐसी महिला के मुद्दे पर बात करने गई थीं जिसके पति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह चुनाव लड़ना चाहती थी।

झरना दास ने बताया कि गृहमंत्री से उन्हें 5 मिनट का समय मिला था, लेकिन किसी कारण से उन्हें शाम 7 बजे तक इंतज़ार करना पड़ा। उनका कहना है कि, “मैं त्रिपुरा में जारी हिंसा के बारे में गृहमंत्री को ज्ञापन देने गई थी।”

झरना दास बताती है कि जब वे अमित शाह से मिलीं, तो अमित शाह ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने की पेशकश की। झरना दास कहती हैं, “अमित साह ने कहा कि आप इस पार्टी (सीपीएम) में क्यों हो। आप हमारी पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन कर लो।” झरना दास ने बताया कि वे गृह मंत्री से मिलने गई थीं, न कि बीजेपी अध्यक्ष से, लेकिन उन्हें लगा कि अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष की तरह ही व्यवहार कर रहे हैं।

झरना दास कहती हैं कि, “मुझे नहीं मालून कि वे मजाक कर रहे थे या नहीं, लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं सीपीएम की सदस्य हूं और भले ही हमारी पार्टी का एक ही सदस्य हो, मैं बीजेपी से लड़ती रहूंगी।” झरना दास का कार्यकाल अभी 2022 तक है।

दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब बीजेपी ने राज्यसभा सांसदों को अपने साथ मिलाने की कोशिश की हो। अभी जून में ही टीडीपी के चार सांसदों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। इसके बाद लोकदल के सांसद राम कुमार कश्यप भी बीजेपी के पाले में चले गए थे। अभी कुछ दिन पहले ही समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांस नीरज शेखर ने भी पार्टी छोड़कर औपचारिक तौर पर बीजेपी की सदस्यता ले ली।

गौरतलब है कि 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में इस समय बीजेपी के अपने 78 सांसद हैं, जबकि पांच सीटें खाली हैं। वैसे बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए के कुल 115 सांसद राज्यसभा में हैं। बीजेपी लंबे समय से राज्यसभा में अपना बहुमत बनाने की जुगत में है। इसके लिए उसे कुल 123 सदस्यों का साथ चाहिए। राज्यसभा में बीजेडी के 7, वाईएसआर के 2 सासंद हैं। इन दोनों दलों की बीजेपी से नजदीकियां मानी जाती हैं।

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