कृषि विधेयक से नाराज पंजाब के किसान ने की खुदकुशी की कोशिश, विरोध के बावजूद मोदी सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं

भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के राज्य सचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि 60 वर्षीय किसान प्रीतम सिंह लोकसभा में कृषि विधेयकों के पारित होने पर परेशान थे। किसान को डर था कि बिल किसानों के खिलाफ होगा। किसान की हालत गंभीर बताई गई है।

फोटो: IANS
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आईएएनएस

बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के विरोध के बावजूद लोकसभा में दो विवादास्पद कृषि विधेयकों के पारित होने के एक दिन बाद, शुक्रवार को पंजाब में विधेयकों का विरोध कर रहे एक किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने विधेयकों को किसान विरोधी करार दिया था।

मुक्तसर जिले में पंजाब की राजनीति में सक्रिय बादल परिवार के गृहनगर बादल गांव में किसान ने एक विरोध स्थल पर आत्महत्या करने की कोशिश की। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के राज्य सचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि 60 वर्षीय किसान प्रीतम सिंह लोकसभा में कृषि विधेयकों के पारित होने पर परेशान थे। किसान को डर था कि बिल किसानों के खिलाफ होगा। किसान की हालत गंभीर बताई गई है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आवास के ठीक बाहर बादल गांव में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इन विधेयकों के विरोध में गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।


केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंत्री के इस्तीफा देने के निर्णय की घोषणा करते हुए, एसएडी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी सरकार और बीजेपी को समर्थन देना जारी रखेगी, लेकिन किसान विरोधी नीतियों का विरोध करेगी।

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Published: 18 Sep 2020, 1:29 PM
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