अंकिता भंडारी हत्याकांडः पिता ने फिर दोहराई CBI जांच की मांग, कांग्रेस ने पूछा- क्या अब धामी न्याय दिलाएंगे?
पिछले कई दिनों से जारी प्रदर्शनों के दबाव में ही आकर एक दिन पहले सीएम धामी ने अंकिता के परिवार की इच्छा के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही थी। अब अंकिता के पिता का बयान सामने आने के बाद सीएम धामी और बीजेपी के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।

उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए लगातार आंदोलन कर रही कांग्रेस ने आज अंकिता के पिता का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह बेटी की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग दोहरा रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि क्या सीएम पुष्कर धामी अब अंकिता को न्याय दिलाएंगे या या वीआईपी दुष्यंत गौतम को बचाने का काम करेंगे?
कांग्रेस ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, कल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा- अंकिता भंडारी के माता-पिता जो कहेंगे, वो मैं करूंगा। अब अंकिता के पिता ने कहा है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम (वीआईपी) और सभी आरोपियों के कॉल डिटेल सार्वजनिक की जाए। अंकिता के पिता 17-23 सितंबर 2022 तक की कॉल डिटेल की मांग रहे हैं। क्या पुष्कर धामी अंकिता भंडारी के पिता की बात मानेंगे? क्या वो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाएंगे या वीआईपी दुष्यंत गौतम को बचाने का काम करेंगे?
वहीं अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में आंदोलन कर रही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदिया ने बुधवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड सरकार के पास अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है लेकिन अपनी सरकार की साख बचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह बात मृतका के परिवार पर डाल रहे हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा हत्याकांड की जांच के संबंध में अंकिता के माता-पिता की इच्छानुसार निर्णय लेने की बात कहे जाने के एक दिन बाद गणेश गोदियाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पूरे प्रदेश में अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से लेकर जनता के हर वर्ग और हर व्यक्ति ने एक बड़ा जनांदोलन खड़ा कर दिया है और ऐसे में उन्हें सीबीआई जांच की मांग के आगे झुकना पड़ेगा।
गोदियाल ने कहा कि 2022 में हुए जघन्य हत्याकांड के बाद अंकिता के परिवार ने बार-बार सीबीआई जांच की मांग उठायी। उन्होंने कहा, “साढ़े तीन साल के दौरान अंकिता के माता-पिता ने दर्जनों बार कहा और यहां तक कि वे अदालत तक गए कि मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए”। कांग्रेस नेता ने पूछा, “क्या मुख्यमंत्री जी इससे वाकिफ नहीं हैं?”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बस अपनी साख बचाने के लिए अंकिता के माता-पिता पर यह बात डाल रहे हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अंकिता के माता-पिता ने उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए दो आश्वासनों के बारे में बताया था जिनमें से एक जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बारे में था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अंकिता के परिवार को दिए आश्वासनों को पूरा करना चाहिए।
बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की कथित पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा हाल में हत्याकांड में 'वीआईपी' के संबंध में किए गए खुलासे के मद्देनजर मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की अपनी मांग को जायज ठहराते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य पुलिस स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकती। गोदियाल ने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच हो, जो बिना किसी दवाब के काम करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस के अधिकारियों से हत्याकांड की जांच के संबंध में कई सवाल पूछे और कहा कि प्रदेश की जनता इनके जवाब जानना चाहती है। उन्होंने पूछा कि नहर से अंकिता का शव बरामद होने की अगली रात को वनंत्रा रिजॉर्ट पर बुलडोजर किस के आदेश पर चलाया गया और क्या पुलिस अधिकारियों ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री के आदेश पर ऐसा करने की बात नहीं कही।
गोदियाल ने यह भी पूछा कि क्या एसआईटी ने बुलडोजर चलाकर रिजॉर्ट में अंकिता के निवास कक्ष को तोड़ने वाले लोगों के बयान दर्ज किए और अगर किए तो उसमें क्या तथ्य सामने आए?कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि एसआईटी की जांच में 90 से ज्यादा लोग गवाह बने लेकिन रिजॉर्ट तोड़ने वाले महत्वपूर्ण लोगों को अदालत में गवाही से अलग क्यों किया गया?
इधर अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक 'वीआईपी' के शामिल होने के खुलासे के बाद पूरे उत्तराखंड में इस मुद्दे पर गुस्सा है और शहर-शहर, गांव-गांव प्रदर्शन हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में रोजाना हजारों लोग सड़कों पर उतरकर अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से जारी प्रदर्शनों के दबाव में ही आकर एक दिन पहले सीएम धामी ने अंकिता के परिवार की इच्छा के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही थी। अब अंकिता के पिता का बयान सामने आने के बाद सीएम धामी और बीजेपी के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
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