नागरिकों को महंगाई का एक और झटका, बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम, 3 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ गई कीमत

देश भर में आज से पेट्रोल-डीजल के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे। सभी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपए प्रति लीटर से ज्याजा की बढ़ोत्तरी कर दी है। यह बढ़ोत्तरी आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई।

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नवजीवन डेस्क

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देश में शुक्रवार सुबह आम लोगों पर महंगाई बम फूटा है। दिल्ली समेत देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो गया है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 94.77 रुपये से बढ़ाकर 97.77 रुपये प्रति लीटर कर दी है जबकि डीजल का दाम 87.67 रुपये से बढ़ाकर 90.67 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

इस तरह पेट्रोल -डीजल के रेट में 3 रु प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। बढ़े हुए दाम आज से लागू भी हो गए हैं। नए रेट के बाद अब राजधानी दिल्ली में सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.91 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल अब से 90.78 रुपये में प्रति लीटर में बिकेगा।

बता दें कि देश में अप्रैल 2022 के बाद से अब पेट्रोल-डीजल के दाम में पहली बार बदलाव हुआ है।

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जो पहले 102 रुपये से 104 रुपये प्रति लीटर के बीच था, वह अब बढ़कर 105.14 रुपये से 107.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इन नई दरों से वाहन चालकों और अन्य उपभोक्ताओं पर सीधा भार पड़ेगा।

प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम (प्रति लीटर)

  • दिल्ली: पेट्रोल ₹97.91, डीजल ₹ 90.78

  • मुंबई: पेट्रोल ₹106.54, डीजल ₹ 98

  • कोलकाता: पेट्रोल ₹108.94, डीजल ₹95.13

  • चेन्नई: पेट्रोल ₹103.67, डीजल ₹95.25

  • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.84, डीजल ₹88.93

  • नोएडा: पेट्रोल ₹97.83, डीजल ₹90.96

  • जयपुर: पेट्रोल ₹108.49, डीजल ₹94.72


तेल की कीमतों के बारे में सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है। उनका कहना था कि यदि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

उधर पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई में भी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे उपाय अपनाने की अपील की थी।

इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाला साबित होगा।

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