कश्मीर: 370 हटाने, आम लोगों और मीडिया पर पाबंदियां लगाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज (16 सितंबर) को सुनवाई होनी है। इन याचिकाओं में 370 हटाए जाने के अलावा राष्ट्रपति शासन की वैधता और कश्मीर में लगाई गई पाबंदियों को भी चुनौती दी गई है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करने वाला है। सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ करेगी, जिसमें जस्टिस एस ए बोबडे और एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं। एक याचिका जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी दायर कर अपने परिवार वालों और संबंधियों से मिलने की इजाजत मांगी है।

आजाद ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने के बाद दो बार कश्मीर जाने की कोशिश की, लेकिन दोनों बार कश्मीर प्रशासन ने उन्हें हवाई अड्डे से ही वापस भेज दिया। ऐसे में उन्होंने शीर्ष अदालत से अनुमति मांगी है, ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों से मिल सकें।

गुलाम नबी आजाद ने अपनी याचिका के सिलसिले में कहा कि, ''यह याचिका मैंने निजी रूप से एक सांसद और जम्मू-कश्मीर के निवासी के तौर पर दाखिल की है। मैं इंसानियत के आधार पर उन लाखों लोगों का हाल जानना चाहता हूं, इसका राजनीति से कोई लेनदेना नहीं है।''

आजाद के अलावा जम्मू और कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस पार्टी के प्रमुख सज्जाद लोन ने भी अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने और राज्य के पुनर्गठन की वैधता को चुनौती दी है। साथ ही बाल अधिकार कार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली और प्रोफेसर शांता सिन्हा ने भी विशेष दर्जा खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से बच्चों को गैरकानूनी रूप से कैद करने के खिलाफ एक याचिका दायर की है।

वहीं राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको की याचिका पर भी सुनवाई होगी, जिसमें उन्होंने केंद्र और जम्मू-कश्मीर को यह निर्देश देने के लिए कहा है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को अदालत के सामने लाया जाए, जिन्हें कथित रूप से नजरबंद करके रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट सीपीएम नेता सीताराम येचुरी की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा जिसमें येचुरी ने अपनी पार्टी के बीमार नेता एम वाई तारिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें येचुरी को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी थी। इस दौरान कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की याचिका पर भी सुनवाई होगी, जिसमें उन्होंने कश्मीर में मीडिया पर लगाए प्रतिबंधों को हटाने की बात कही है।

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