धारा 370: पाकिस्तान ने UNHRC में रखा झूठ का पुलिंदा, लेकिन जम्मू-कश्मीर को माना भारत का राज्य, जानिए क्या कहा?

पाकिस्‍तान ने संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार आयोग में जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ 15 मिनट 49 सेकंड तक सिर्फ झूठ बोला है। सिर्फ इतना ही नहीं कश्‍मीर पर 115 पेज की झूठी रिपोर्ट भी पेश की।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए मंगलवार को झूठ की गठरी खोलने के साथ कहा है कि भारत ने कश्मीर को एक जेल में बदल दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएनएचआरसी में कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बीते छह हफ्तों से हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता नजरबंद हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर को दुनिया की सबसे बड़ी जेल बना दिया गया है। लेकिन इस दौरान कुरैशी खुद ही कह बैठे कि जम्मू कश्मीर भारत का राज्य है।

उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा, “आप सभी को हमने बीबीसी की रिपोर्ट की कॉपी दी है। आप उसे पढ़ लें जिसमें कश्मीरी खुद अपने मुंह से अपने ऊपर होने वाले जुल्म का बयान कर रहे हैं।" कुरैशी ने कहा कि भारत अपने आप को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताता है जबकि वह कश्मीरी बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यक बनाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश मीडिया ने कश्मीर में हो रहे जुल्म को बेनकाब किया है। वहां दवाओं की भारी कमी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह कश्मीर मसले को हल कराने के लिए दखल दे।

पाक विदेश मंत्री ने यूएनएचआरसी से कहा, “कश्मीर भारत का आतंरिक मुद्दा नहीं है। वहां के लोग लगातार मौलिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों का शिकार हो रहे हैं।” खुद अपने देश में मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन करने वाले पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाए।

पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में भारत के खिलाफ 115 पेज का डोजियर पेश करने की बात कही थी। इसमें कश्मीर से जुड़ी कई जानकारियां और सीक्रेट रिपोर्ट्स हैं। इस डोजियर को पाकिस्तान गुप्त तरीके से पेश करना चाहता था, लेकिन पाकिस्तान द्वारा पेश किया जाने वाला 115 पेज का डोजियर सोशल मीडिया पर लीक हो गया।

गौरतलब है कि मार्च 2006 में स्थापित हुए यूएनएचआरसी में कुल 47 निर्वाचित सदस्य देश हैं। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सदस्यों को पांच क्षेत्रीय समूहों में बांटा गया है। अफ्रीकन स्टेट्स में 13 सदस्य, एशिया-पैसिफिक में 13 सदस्य, ईस्टर्न यूरोपियन स्टेट्स में 6 सदस्य, लैटिन अमेरिकन और कैरिबियन स्टेट्स में 8-8 सदस्य, जबकि वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य स्टेट्स के लिए 7 सीटें निर्धारित हैं। जो नए सदस्य चुने गए हैं, उन देशों के नाम हैं- बुर्किना फासो, कैमरून, इरिट्रिया, सोमालिया, और टोगो। यह सभी अफ्रीकन स्टेट्स कैटिगरी में हैं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Published: 10 Sep 2019, 4:58 PM
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