तबलीगी जमात की सभा में आए विदेशियों को मिली जमानत, मामले में अब तक जमात प्रमुख को नहीं किया गया गिरफ्तार

आरोप है कि इन्होंने कोविड-19 संकट पर भारत सरकार के वीजा मानदंडों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लिया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 900 से अधिक विदेशी नागरिकों को नामजद किया था। हालांकि, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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आईएएनएस

राजधानी दिल्ली की एक अदालत ने मार्च महीने के आखिरी में निजामुद्दीन इलाके में स्थित मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेने वाले चीन, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, फिजी और फिलीपींस के नागरिकों को जमानत दे दी। अदालत ने इन सभी को 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दिया है। इन सभी ने ट्रायल कोर्ट में प्ली बारगेनिंग एप्लिकेशन भी दायर किए हैं।

इसी मामले में दिल्ली की अदालत ने एक दिन पहले 122 मलेशियाई नागरिकों को भी जमानत दे दिया था। इन सभी पर आरोप है कि इन सभी विदेशी नागरिकों ने कोविड-19 संकट पर भारत सरकार द्वारा जारी वीजा मानदंडों और दिशानिर्देशों का कथित उल्लंघन कर तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लिया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 900 से अधिक विदेशी नागरिकों को नामजद किया है। हालांकि, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।

मार्च में सामने आए इस मामले में तबलीगी जमात नेता मौलाना साद कांधलवी और अन्य के खिलाफ भी 31 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेशों के उल्लंघन के लिए भी मामला दर्ज किया गया है।

हालांकि, पूरे देश के लिए राष्ट्रीय विवाद का विषय बना दिए गए इस मामले के मुख्य आरोपी बनाए गए तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद कांधलवी या जमात के अन्य किसी बड़े मौलाना की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। जबकि घटना के बाद आइसोलेशन में गए मौलाना साद ने अवधि पूरा करने के बाद कई बार कहा है कि वह पूछताछ और जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं और पुलिस जब चाहे वह हाजिर हो सकते हैं। लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

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