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समय से पहले बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक गलत, अमित शाह और मोदी के दबाव में काम कर रहा है चुनाव आयोग- मायावती

पश्चिम बंगाल में गुरुवार को 10 बजे के बाद निर्धारित समय से 20 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार थम जाएगा। भारत के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। चुनाव आयोग के इस फैलसे पर मायावती ने कहा है कि आयोग पीएम मोदी और अमित शाह के दबाव में काम कर रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल में चुनाव के आखिरी चरण के प्रचार पर प्रतिबन्ध लगाने के चुनाव आयोग के फैसले पर बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने आयोग पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में गुरूवार को 10 बजे के बाद से चुनाव प्रचार पर रोक लगाई है। बंगाल में पीएम मोदी की 2 रैलियां हैं, तो यह प्रतिबन्ध आज सुबह से ही क्यों नहीं लगाया गया। यह ठीक बात नहीं है, चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है।’

बता दें कि बंगाल में मंगलवार को टीएमसी और बीजेपी के बीच झड़प के बाद चुनाव आयोग ने राज्य की 9 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार पर निर्धारित समय से 20 घंटे पहले ही प्रतिबन्ध लगा दिया है। निर्धारित समयानुसार प्रचार शुक्रवार शाम 6 बजे के बाद ख़त्म होना था, लेकिन अब इन लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार गुरूवार रात 10 बजे थम जाएगा। भारत के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला है।

इसके अलावा मायावती ने यह भी कहा, ‘यह बात साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी प्रमुख अमित शाह तथा उनके नेता ममता बनर्जी को निशाना बना रहे हैं, योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। यह बेहद खतरनाक और अन्यायपूर्ण है, देश के प्रधानमंत्री को ऐसा करना शोभा नहीं देता।'

मायावती के अलावा कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में 16 मई की रात को ही चुनाव प्रचार रोकने के फैसले पर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'लोकतंत्र के इतिहास में आज काला दिन है। पश्चिम बंगाल पर चुनाव आयोग के आदेश में अनुच्छेद 14 और 21 के अंतर्गत जरूरी प्रक्रिया का अनुपालन नहीं हुआ है तथा आयोग ने सबको समान अवसर देने के संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन भी नहीं किया। यह संविधान के साथ किया अक्षम्य विश्वासघात है।'

साथ ही उन्होंने दावा किया, 'प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग में 11 शिकायतें की हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा के द्वारा हिंसा की गई और अमित शाह द्वारा धमकाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।अब मोदी जी को 16 मई को रैलियों की इजाजत दी गई और दूसरे सभी लोगों को प्रतिबंधित कर दिया गया। कभी एक स्वतंत्र संवैधानिक इकाई रही संस्था में शर्मनाक गिरावट है।'

बता दें, चुनाव आयोग ने 19 मई को चुनाव के अंतिम चरण के लिए प्रचार को समय से पहले थामने के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 को लागू किया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के प्रधान सचिव (गृह) अत्रि भट्टाचार्य और सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को उनके पदों से हटाने का भी आदेश दिया है. इस पर बनर्जी ने कहा कि दोनों अधिकारियों को ‘चुनाव आयोग ने नहीं, बल्कि मोदी और अमित शाह ने हटाया है।

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